आंदोलन स्थल की फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

मुंबई में बवाल! राजू शेट्टी को पुलिस ने घसीटा; किसानों के मार्च पर पुलिस की सख्ती, कई बड़े नेता हिरासत में

Raju Shetti Protest Mumbai: मुंबई में मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च कर रहे कोकण के काजू-आम उत्पादक किसानों और पुलिस में झड़प। राजू शेट्टी, विनायक राउत समेत कई नेता हिरासत में।

गोरक्ष पोफली

Raju Shetti Detained: अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुंबई की सड़कों पर उतरे कोकण के काजू और आम उत्पादक किसानों के आंदोलन को पुलिस ने बीच में ही रोक दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निवास स्थान वर्षा बंगले की तरफ मार्च कर रहे आंदोलनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के दौरान स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता राजू शेट्टी को पुलिस द्वारा घसीटकर ले जाने का वीडियो सामने आने के बाद आंदोलनकारी किसान और ज्यादा आक्रामक हो गए हैं। राजू शेट्टी के अलावा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, शेकाप (PWP) के जयंत पाटिल और शिवसेना (UBT) के पूर्व सांसद विनायक राउत सहित कई बड़े नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।

22 हजार रुपये की मदद से नाराज हैं किसान

दरअसल, इस साल बेमौसम बारिश और खराब मौसम के कारण कोकण क्षेत्र में आम (हापुस) और काजू की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहा कोकण का किसान पूरी तरह से आर्थिक संकट में डूब गया है। किसानों का आरोप है कि इस भारी नुकसान के बदले सरकार ने उन्हें महज 22 हजार रुपये की नाममात्र मदद की घोषणा की है, जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। सरकार से सम्मानजनक और ठोस मुआवजे की मांग को लेकर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने के कारण नाराज किसानों ने मुंबई में सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपनी आवाज बुलंद करने का फैसला किया।

गिरगांव चौपाटी पर पुलिस और आंदोलनकारियों में तीखी झड़प

तय रणनीति के मुताबिक, किसान और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता गिरगांव चौपाटी पर इकट्ठा हुए थे। यहां से वे सीधे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलकर उन्हें अपनी समस्याओं का ज्ञापन सौंपने के लिए वर्षा बंगले की ओर बढ़ने वाले थे।

हालांकि, पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए आंदोलनकारियों को आगे बढ़ने से मना कर दिया। पुलिस प्रशासन का कहना था कि प्रदर्शनकारी आजाद मैदान जाकर अपना आंदोलन करें, लेकिन किसान मुख्यमंत्री निवास के बाहर ही प्रदर्शन करने पर अड़े रहे। इसी बात को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिसके बाद पुलिस ने धरपकड़ शुरू कर दी।

कोकण के किसानों की मांगें

आंदोलनकारियों का कहना है कि बेमौसम बारिश ने कोकण के रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले आम और काजू उद्योग को तबाह कर दिया है। सरकार को इस संकट की घड़ी में किसानों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए पैकेज में भारी बढ़ोतरी करनी चाहिए। नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद भी मुंबई और कोकण के राजनीतिक गलियारों में तनाव बना हुआ है। विपक्ष ने पुलिस की इस कार्रवाई को किसानों की आवाज दबाने का प्रयास बताते हुए राज्य सरकार की कड़ी निंदा की है।

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