'त्याग का समय आ गया', पीएम मोदी पर कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल का तीखा वार; बयान से राजनीति गरमाई

Maharashtra Political Criticism: महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए राजनीतिक नेतृत्व और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर तीखी आलोचना की।
'The Time for Sacrifice Has Come': Congress Leader Harshvardhan Sapkal Launches Sharp Attack on PM Modi; Statement Heats Up Political Arena
हर्षवर्धन सपकाल, राजनीतिक बयान,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Harshvardhan Sapkal Political Controversy: मुंबई महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जनता को त्याग करने का उपदेश देने की बजाय अब समय आ गया है कि प्रधानमंत्री स्वयं राष्ट्रहित में त्याग करें और 'वानप्रस्थाश्रम' (राजनीति से संन्यास) की ओर प्रस्थान करें। सपकाल के अनुसार देश आज जिस गंभीर संकट से जूझ रहा है, वह प्रधानमंत्री की अक्षमता, बेरुखी और अदूरदर्शी नौतियों का सीधा परिणाम है। उन्होंने मोदी को एक 'कॉम्प्रमाइन्ड प्रधानमंत्री' करार देते हुए कहा कि वह देश चलाने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं।

विज्ञापन और प्रचार में व्यस्त रहा तंत्र हर्षवर्धन सपकाल ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब दुनिया के अन्य देश भविष्य के संकटों के लिए योजनाएं बना रहे थे, तब मोदी सरकार केवल चुनाव जीतने, विज्ञापनों पर करोड़ों खर्च करने और सांप्रदायिकता फैलाने में व्यस्त थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की लापरवाही और अहंकारी रवैये की भारी कीमत आज देश के आम नागरिकों को चुकानी पड़ रही है। ईंधन और एलपीजी गैस की भारी किल्लत के। साथ-साथ महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है, जबकि प्रधानमंत्री केवल फोटोशूट और इवेंट मैनेजमेंट में व्यस्त दिखाई दे रहे हैं।

मितव्ययिता की शुरुआत खुद से करें पीएम मोदी

केंद्र सरकार की सही नीतियों के अभाव के कारण आज देश गहरे संकट में है। 12 वर्षों के शासन के बाद अब प्रधानमंत्री ने देश के संक्ट में होने की बात स्वीकार कर अपनी विफलता मान ली है। भाजपा सरकार ने चुनाव प्रचार और नफरत फैलाने के अलावा कोई ठोस काम नहीं किया जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। -वर्षा गायकवाड़, सांसद कांग्रेस

जनता पर त्याग का बोझ

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने पीएम द्वारा जनता को पेट्रोल-डीजल, खाद और खाद्य तेल के उपयोग में कटौती करने की सलाह पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल किया कि सारा त्याग केवल जनता ही क्यों करे? जबकि प्रधानमंत्री और उनके सहयोगी खुद विलासिता और करोड़ों की फिजूलखची में डूबे हुए हैं।

हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि खुद 40-50 गाड़ियों के काफिले में चलने वाले नेता को आम जनता को सादगी का पाठ पढ़ाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। यह देश की 140 करोड़ जनता की भावना है कि अब प्रधानमंत्री को पद छोड़ देना चाहिए।

वैश्विक स्तर पर गहराते ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल के सीमित उपयोग, वर्क फ्रॉम होम' को प्राथमिकता देने और सोने की खरीदारी टालने की अपील की थी। उनकी इस अपील पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीखा हमला बोला था।

राहुल द्वारा पीएम मोदी की आलोचनाओं के जवाब में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ा पलटवार किया है। दिल्ली में सीआईआई वार्षिक व्यवसाय शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस ने राहुल गांधी को 'रिजेक्टेड माल' और 'रिजेक्टेड नेता' करार देते हुए कहा कि पूरे देश ने उन्हें नकार दिया है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जो कहा उसका अर्थ समझने में राहुल गांधी पूरी तरह विफल रहे हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि राहुल गांधी को बात समझ नहीं आई तो इसमें उनका दोष नहीं, बल्कि यह उनकी कम समझ का नतीजा है।

फडणवीस ने स्पष्ट किया कि देश की जनता प्रधानमंत्री की अपील को भली-भांति समझती है और वह इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देगी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को अब कोई गंभीरता से नहीं लेता, वह न निर्णय ले सकता है और न ही राज्यों को साथ लेकर चल सकता है।

राहुल ने बताया था 'कॉम्प्रोमाइज्ड PM'

इससे पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को 'कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम' बताया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि 12 वर्षों के शासन के बाद सरकार जनता को यह बताने पर मजबूर है कि उन्हें क्या खरीदना चाहिए और क्या नहीं। राहुल ने कहा था कि प्रधानमंत्री अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ कर पूरा बोझ जनता के कंधों पर डाल रहे हैं। जनता से त्याग की मांग करना उनकी विफलता का प्रमाण है।

वैश्विक संकट और प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता

फडणवीस ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि दुनियाभर में आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है और कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही है। पड़ोसी पाकिस्तान में पेट्रोल के दाम 450 रुफर प्रति लीटर के पार पहुंच चुके हैं, जबकि भारत में प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व की बदौलत ईथन और गैस की उपलब्धता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार बचाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में की गई यह अपील पूरी तरह तर्कसंगत और राष्ट्रहित में है।

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