Raj Thackeray Bandra Rally: महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों को तोड़कर चलाए गए 'ऑपरेशन टाइगर' पर अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने बेहद आक्रामक और तीखा रुख अख्तियार कर लिया है। मुंबई के बांद्रा स्थित रंगशारदा सभागार में आयोजित मनसे की एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भारतीय जनता पार्टी (BJP) का नाम लिए बिना उन पर करारा तंज कसा।
राज ठाकरे ने मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर गहरा खेद व्यक्त करते हुए कहा कि आज सत्ता की हवस में महाराष्ट्र की गौरवशाली परंपरा और आत्मसम्मान को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है। नासिक, पुणे, ठाणे और मुंबई से आए हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में राज ठाकरे ने जनता से आह्वान किया कि वे इस गंदी राजनीति के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें।
महाराष्ट्र में सूखे जैसी गंभीर स्थिति और बुनियादी मुद्दों की अनदेखी का हवाला देते हुए राज ठाकरे ने ऑपरेशन टाइगर की राजनीति पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "एक पुरानी और बेहद सटीक कहावत है, 'जब इंसान का आत्मसम्मान चला जाता है, तो पीछे केवल एक जिंदा लाश ही बची रह जाती है।' आज महाराष्ट्र और पूरे देश में जिस तरह का नंगा नाच चल रहा है, उसे देखकर सिर शर्म से झुक जाता है। हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को क्या मुंह दिखाएंगे? क्या हम उनसे कहेंगे कि हम चंद पैसों के लिए बिक गए थे, इसलिए राज्य की यह दुर्दशा हुई है?"
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मतदाताओं के अधिकारों और उनके वोटों की घटती कीमत पर तीखा दर्द बयां करते हुए मनसे प्रमुख ने कहा, "आज आम जनता की कीमत सत्ताधीशों की नजर में शून्य (जीरो) होकर रह गई है। जिन गरीब और मध्यमवर्गीय मतदाताओं को आप चुनाव जिताने के लिए चिलचिलाती गर्मी में दो, तीन या चार घंटे कतारों में खड़ा रखते हैं, उन्हें ये नेता बाद में पचास से सौ करोड़ रुपये में बेशर्मी से बेच देते हैं। मैं पूछता हूँ कि क्या आप ऐसे दलबदलू लोगों को दोबारा चुनकर लाएंगे? अगर ये बिकने वाले लोग फिर से आपके सामने खड़े हो जाएं, तो आपकी प्रतिक्रिया क्या होगी? आज सत्ता बचाने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाकर सांसद, विधायक और पार्षद तोड़े जा रहे हैं।"
राज ठाकरे ने दलबदल के साथ-साथ देश के अन्य ज्वलंत मुद्दों को भी इस रैली में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने देश में बढ़ती आत्महत्या की दरों पर चिंता जताते हुए कहा, "आज देश का किसान और देश का भविष्य यानी छात्र आत्महत्या कर रहे हैं। 'नीट' (NEET) परीक्षा के प्रश्न पत्र धड़ल्ले से लीक हो रहे हैं। जब यह परीक्षा शुरू की गई थी, तब हमने सबसे पहले इसका कड़ा विरोध किया था। आज स्थिति यह है कि जिस तरह देश में राजनेताओं, विधायकों और सांसदों का 'अपहरण' (होटल पॉलिटिक्स) हो रहा है, ठीक उसी तरह समाज में छोटे बच्चों और लड़कियों की तस्करी हो रही है।" उन्होंने कहा कि सतही आंदोलनों को छोड़कर अब मनसे को मतदाता सूची की शुद्धि और असली-नकली वोटरों की पहचान कर सत्ता की चाबी अपने हाथ में लेनी होगी, तभी एक समृद्ध महाराष्ट्र का सपना सच हो सकेगा।