

Shiv Sena UBT Rebel MPs First Photo: महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के भीतर हुए महा-विद्रोह यानी 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर एक बहुत बड़ा और एक्सक्लूसिव खुलासा हुआ है। पार्टी से बगावत करने वाले 6 लोकसभा सांसदों में से जहां धराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर महाराष्ट्र में ही डटे हुए हैं, वहीं बाकी के 5 सांसदों के गायब होने और उनके सटीक ठिकाने को लेकर पिछले 24 घंटों से सस्पेंस बना हुआ था। कयास लगाए जा रहे थे कि इन सांसदों को राजस्थान के किसी रिजॉर्ट में सुरक्षित रखा गया है। लेकिन इसी बीच, दिल्ली के एक आलीशान पांच सितारा होटल से इन बागी सांसदों की पहली एक्सक्लूसिव तस्वीर (First Photo) सामने आ गई है, जिसने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
टेलीविजन न्यूज चैनल टीवी9 द्वारा हासिल की गई इस पहली तस्वीर ने साफ कर दिया है कि उद्धव ठाकरे के इन बागी सांसदों की किलेबंदी बेहद सुरक्षित तरीके से दिल्ली के एक वीआईपी जोन में की गई थी।
'ऑपरेशन टाइगर' की सफलता के बाद सामने आई इस पहली इनसाइड तस्वीर में बागी सांसद एक फाइव स्टार होटल के डाइनिंग टेबल पर बैठे नजर आ रहे हैं। तस्वीर में हिंगोली के सांसद नागेश पाटिल अष्टिकर, यवतमाल-वाशिम के सांसद संजय देशमुख और उत्तर पूर्वी मुंबई (मुंबई नॉर्थ ईस्ट) के सांसद संजय दीना पाटिल साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं। सभी नेता आपस में गहन चर्चा करते दिख रहे हैं। इस तस्वीर के सामने आने के बाद अब यह पूरी तरह साफ हो गया है कि बगावत की स्क्रिप्ट दिल्ली के इसी आलीशान ठिकाने से लिखी जा रही थी।
वायरल हो रही इस तस्वीर में शिवसेना के वरिष्ठ समन्वयक अभिषेक वर्मा भी बागी सांसदों के साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि मुंबई के कद्दावर नेता और सांसद संजय दीना पाटिल इस तस्वीर में बेहद गंभीर मुद्रा में बैठे नजर आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पाटिल जिस तरह गंभीर होकर सामने की तरफ देख रहे हैं, उससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि डाइनिंग टेबल के दूसरी तरफ कैमरे के पीछे महायुति का कोई बहुत बड़ा राष्ट्रीय नेता या रणनीतिकार बैठा हुआ था, जिससे ये सांसद आगे की कानूनी और राजनीतिक सुरक्षा पर चर्चा कर रहे थे।
सियासी हलकों में चर्चा है कि इस पूरे गुप्त ऑपरेशन को अमलीजामा पहनाने और सांसदों को दिल्ली में सुरक्षित रखने की पूरी जिम्मेदारी एकनाथ शिंदे के बेटे और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के कंधों पर थी, जिसे उन्होंने बेहद गोपनीयता से सफल बनाया। वहीं, इस गुट के छठे बागी सांसद ओमराजे निंबालकर इस होटल पॉलिटिक्स से दूर महाराष्ट्र में ही बने रहे। दरअसल, उनके पिता पवनराजे निंबालकर हत्याकांड मामले में अदालत का बहुप्रतीक्षित फैसला आना था, जिसके चलते वे कानूनी और पारिवारिक वजहों से पुणे व मुंबई में ही मौजूद रहे। बहरहाल, इस पहली तस्वीर के सामने आने के बाद अब ठाकरे गुट के लिए इन सांसदों की घर वापसी की रही-सही उम्मीदें भी पूरी तरह खत्म हो गई हैं।