'अग्नि परीक्षा', उद्धव के वफादार हो तो जीवित पिता का पिंडदान करो, सुषमा अंधारे की कृष्णा अष्टिकर को चुनौती

Sushma Andhare Challenges Krishna Ashtikar Pindan: शिवसेना UBT नेता सुषमा अंधारे का विवादित बयान; बागी सांसद के बेटे कृष्णा को जीवित पिता का पिंडदान करने की चुनौती।
Sushma Andhare Krishna Ashtikar Loyalty Test
बागी सांसद नागेश अष्टिकर के बेटे को सुषमा अंधारे की चुनौती
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Sushma Andhare Krishna Ashtikar Loyalty Test: महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 6 लोकसभा सांसदों के दलबदल के बाद शुरू हुआ 'वाकयुद्ध' अब बेहद निचले और विवादित स्तर पर पहुंच गया है। 'ऑपरेशन टाइगर' के जरिए पार्टी को लगे बड़े झटके के बाद शिवसेना (UBT) के फायरब्रांड नेता संजय राउत और उपनेता सुषमा अंधारे ने बागियों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। सुषमा ने बागी सांसद नागेश अष्टिकर के बेटे से वफादारी का सबूत मांगा है। दरअसल पिता ने ठाकरे परिवार का साथ छोड़कर शिंदे की सेना का दामन थाम लिया है जबकि बेटा अब भी विधान परिषद के लिए शिवसेना यूबीटी का उम्मीदवार है।

हिंगोली के बागी सांसद नागेश पाटिल अष्टिकर के बेटे कृष्णा अष्टिकर द्वारा उद्धव ठाकरे के प्रति वफादारी का दावा करने पर सुषमा अंधारे बुरी तरह भड़क गईं। अंधारे ने राजनीतिक निष्ठा साबित करने के लिए कृष्णा अष्टिकर को अपने जीवित पिता का ही 'पिंडदान' करने की एक ऐसी खौफनाक और अमानवीय चुनौती दे डाली है, जिसने महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल ला दिया है। हिंगोली और परभणी जिलों में शिवसेना (UBT) को इस बगावत से जो संगठनात्मक क्षति हुई है, उसकी टीस अंधारे के बयानों में साफ तौर पर देखी जा सकती है।

'जीवित पिता का पिंडदान करो और जूते मारो

सांसद नागेश पाटिल अष्टिकर के पाला बदलने के बाद उनके बेटे कृष्णा अष्टिकर, जो हिंगोली-परभणी विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र से शिवसेना (UBT) के आधिकारिक उम्मीदवार हैं, ने अंधारे की आलोचना करते हुए खुद को 'मातोश्री' का वफादार बताया था। इसका करारा जवाब देते हुए सुषमा अंधारे ने सारी हदें पार करते हुए जनसभा में कहा, "अगर तुम वाकई उद्धव ठाकरे के प्रति ईमानदार हो और तुम्हें अपने पिता की गद्दारी से कोई लेना-देना नहीं है, तो तुम्हें इसकी अग्निपरीक्षा देनी होगी। कल ही अपने जीवित पिता (नागेश पाटिल अष्टिकर) की प्रतिमा बनाओ, उस पर जूते मारो और उनका पिंडदान करो! तब हम मानेंगे कि तुम सच्चे शिवसैनिक हो। तुम किसे ज्ञान दे रहे हो? असलियत यह है कि जैसा बाप, वैसा ही बेटा है।"

'बाप की गद्दारी की मुझे जानकारी नहीं, मैं उद्धव जी के साथ हूँ'

इससे पहले कृष्णा अष्टिकर ने सुषमा अंधारे पर पलटवार करते हुए कहा था कि उन्हें अंधारे को मुझे वफादारी का सर्टिफिकेट देने की कोई आवश्यकता नहीं है। कृष्णा ने दावा किया था, "मैं शिवसेना (UBT) के साथ पूरी ईमानदारी से डटा हुआ हूँ और लगातार पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे के सीधे संपर्क में हूँ। मेरे पिता ने शिंदे गुट में शामिल होने का फैसला क्यों और किन परिस्थितियों में लिया, इसकी मुझे कोई पूर्व भनक या जानकारी नहीं थी। मैं अपनी पार्टी और संगठन के काम में सक्रिय हूँ।" कृष्णा के इसी बयान के बाद अंधारे ने उनके राजनीतिक अस्तित्व और निष्ठा पर सीधे सवाल खड़े कर दिए।

हिंगोली-परभणी में शिवसेना (UBT) को भारी नुकसान

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, हिंगोली और परभणी बेल्ट में नागेश पाटिल अष्टिकर का भारी जमीनी दबदबा है। उनके शिंदे गुट में जाने से इस पूरे रीजन में उद्धव ठाकरे का सांगठनिक ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हुए इस बड़े नुकसान के कारण ही पार्टी के शीर्ष नेता इस कदर आक्रामक और अनियंत्रित बयानबाजी पर उतर आए हैं। अब देखना यह होगा कि सुषमा अंधारे द्वारा दी गई इस बेहद निजी और विवादित 'पिंडदान चुनौती' पर कृष्णा अष्टिकर और शिंदे गुट क्या पलटवार करते हैं।

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