अजित पवार और एकनाथ शिंदे (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
मुंबई

रायगढ़ को लेकर महायुति में बवाल, NCP का शिंदे गुट के खिलाफ हल्ला बोल, कहा- कलयुगी मुगल सेना

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में पालक मंत्री के पद को लेकर शिवसेना और एनसीपी के बीच कलह जारी है। इस बीच एनसीपी ने शिंदे गुट के नेताओं पर हल्ला बोला है। पालक मंत्री पद मामले को लेकर महायुति में बवाल खड़ा हो गया है।

प्रिया जैस

मुंबई: रायगढ़ जिले के पालक मंत्री पद को लेकर उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना व अजित पवार की राकां के बीच की रस्साकशी अब तीखे वाकयुद्ध में तब्दील हो गई है। दोनों तरफ से मर्यादाओं को तार-तार करते हुए एक दूसरे पर शब्द बाण चलाए जा रहे हैं। ऐसा ही कुछ रविवार को शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता व मंत्री भरत गोगावले के जन्मदिन के मौके पर देखने को मिला जहां शिवसेना विधायक महेंद्र थोरवे व महेंद्र दलवी ने राकां के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष व सांसद सुनील तटकरे पर जोरदार हमला किया और उन्हें राक्षस कहते हुए रायगढ़ से बाहर निकालने का दम भरा।

इस पर पलटवार करते हुए अजित पवार की राकां के प्रवक्ता व पूर्व सांसद आनंद परांजपे ने पूरी शिंदे सेना को कलयुग की मुगल सेना कह दिया। आनंद परांजपे ने कहा कि कलयुग के मुगलों के वंशजों ने कल एक बार फिर रायगढ़ में जहर उगला। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि सांसद सुनील तटकरे 2029 में एक बार फिर लोकसभा चुनाव जीतेंगे और रायगढ़ का नेतृत्व करेंगे। लेकिन आपने जिस रूमाल का जिक्र किया है, रायगढ़ की जनता उसी रूमाल से आपको मुंह छिपाने के लिए मजबूर कर देगी।

मुगलों की तरह हमला कर रहे विधायक

परांजपे ने आगे कहा कि सुनील तटकरे पर स्तरहीन टिप्पणी करने वाले शिवसेना के मंत्री और विधायक मुगलों की तरह महायुति में हमला कर रहे हैं। मुझे विशेष रूप से महेंद्र थोरवे पर ताज्जुब है कि वह खुद को बालासाहेब का शिवसैनिक कहते हैं। लेकिन मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि वे 2019 में शिवसेना में शामिल हुए थे। गुवाहाटी में उनका डांस बार संस्कार और टेबल पर नाचना अखंड भारत ने देखा है। महेंद्र दलवी, महेंद्र थोरवे, आप अपनी हद में रहें और सांसद सुनील तटकरे से न उलझें।

तटकरे ने की थी नकल

18 मई को महाड के चांदे मैदान में अजित की राकां के पक्ष प्रवेश समारोह में प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे ने मंत्री गोगावले की तरह अपने बाएं कंधे पर रुमाल (नैपकिन) रखते हुए और सभी का अभिवादन किया था। तब तटकरे द्वारा की गई नकल के बाद दोनों नेताओं के बीच नैपकिन को लेकर कटाक्ष किए गए थे। गोगावले ने रविवार को अपने जन्मदिन के मौके पर सभी को नैपकिन बांटकर तटकरे पर कटाक्ष किया।

इस मौके पर थोरवे ने कहा कि गोगावले की आलोचना हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। अब हमने यह लड़ाई शुरू की है और इसका अंत भी हम ही तय करेंगे। हम इस उपद्रवी को रायगढ़ से हटाएंगे तो रायगढ़ के लोग खुश भी खुश हो जाएंगे और तभी रायगढ़ को न्याय मिलेगा। इसी तरह दलवी ने कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, लेकिन पालकमंत्री हमारे नेता गोगावले ही बनेंगे। यह हमारी शपथ है और जब तक यह शपथ पूरी नहीं हो जाती, हम चुप नहीं बैठेंगे।

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