Sachin Ahir Vs Ravindra Chavan Bungalow Controversy: महाराष्ट्र की महायुति सरकार में अब सरकारी बंगलों के आवंटन को लेकर नया सियासी घमासान शुरू हो गया है। विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहीर अपने संवैधानिक पद का हवाला देते हुए अपने सरकारी आवास को लेकर परेशान हैं। इससे महायुति में फिर से खींचतान शुरू हो गया है।
अहीर ने महायुति सरकार से अपने आवास का अधिकार मांगा है। जबकि किसी संवैधानिक पद पर न रहते हुए भी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण सरकारी बंगले रायगढ़ में पिछले डेढ़ साल से रह रहे हैं। इसे लेकर महायुति सरकार में तनातनी शुरू हो गई है।
विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहीर ने अपने संवैधानिक पद का हवाला देते हुए अपने रहने का अधिकार मांगा है। दो सप्ताह पहले उषा ठाकुर के नेतृत्व में शिवसेना (यूबीटी) छोड़ने के बाद, अहीर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्ववाली शिवसेना में शामिल हुए थे। अहीर ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि संवैधानिक पदों पर नियुक्ति के बावजूद उन्हें घर नहीं दिया गया है।
सचिन अहीर ने इस मामले में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखा है। शिंदे ने जल्द ही पार्टी नेतृत्व को एक बंगला देने की बात कही है। मामला मालबार हिल स्थित रायगढ़ बंगले को लेकर है जहां बीजेपी के रविंद्र चव्हाण रह रहे हैं। यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
चर्चा है कि सचिन अहीर को बंगला देने से मना कर दिया गया है। उन्हें सरकारी बंगले के बजाय फ्लैट देने की मंजूरी दी गई है। हालांकि उन्होंने अभी तक फ्लैट स्वीकार नहीं किया है। पहले उन्हें बतौर उपसभापति रायगढ़ बंगला मंजूर हुआ था। लेकिन उन्हें एक फ्लैट अलॉट किया, जिसे उन्होंने लेने से इनार कर दिया। बंगला 'रायगढ़ जो सरकारी बंगला है, जिसमें पूर्व मंत्री और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण रह रहे हैं। दिलचस्प बात है कि चव्हाण वर्तमान में मंत्री नहीं बल्कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं।
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सचिन अहीर को पूर्व उपसभापति नीलम गोरहे का बंगला मिलने वाला था। लेकिन उनके शपथ लेने से पहले यह बंगला विधानसभा के उपाध्यक्ष अन्ना बनसोडे को अलॉट कर दिया गया। तो सामान्य प्रशासन विभाग ने एक फ्लैट को मंजूरी दी है। हालांकि, अहीर अभी तक फ्लैट में शिफ्ट नहीं हुए है। इस मामले को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सरकार में उठाएंगे।