भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने राहुल गांधी पर महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
सुप्रीम कोर्ट के बाहर बाइट ले रही महिला पत्रकार को भीड़ में धक्का दिया गया।
कांग्रेस पार्टी के महिला सम्मान के दावों और दोहरे रवैये पर कड़े सवाल उठाए गए।
Navnath Ban Allegations Journalist Incident: भारतीय जनता पार्टी (BJP) महाराष्ट्र प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ कमल उत्तमराव बन ने कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर महिला सम्मान तथा संवैधानिक मूल्यों को लेकर तीखे हमले बोले हैं।
भाजपा नेता नवनाथ बन ने आरोप लगाया कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर बड़ी-बड़ी बातें और घोषणाएं करने वाले कांग्रेस नेताओं का व्यवहार धरातल पर बिल्कुल अलग और दोहरा रवैया दिखाता है।
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कांग्रेस के 'महिला सम्मान' के दावों की कड़ी आलोचना की। नवनाथ बन के अनुसार, राहुल गांधी ने पिछले हफ्ते एक महिला पुलिसकर्मी को गलत तरीके से स्पर्श करके ढकेला था।
इसके बाद अब दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट परिसर के बाहर एक महिला पत्रकार को भी भीड़ में धक्का दे दिया गया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि सवाल पूछने वाली महिला पत्रकार को सम्मानपूर्वक उत्तर देने के बजाय कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उसे किनारे हटाने और चुप कराने की कोशिश की।
इस घटना के संबंध में पीड़ित पत्रकार रिचा पराशर ने भी अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि जब राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट परिसर से बाहर निकल रहे थे, तब वह अपना माइक आईडी आगे बढ़ाकर बाइट रिकॉर्ड करने की कोशिश कर रही थीं।
रिचा पराशर का आरोप है कि राहुल गांधी ने उनका कंधा पकड़कर खींचा और उनके सुरक्षाकर्मियों तथा समर्थकों ने उन्हें धक्का दे दिया, जिससे वे सीढ़ियों पर गिर गईं और उनका फोन टूट गया। अस्पताल में भर्ती कराई गईं पीड़ित पत्रकार ने कांग्रेस के 'स्मैश पेट्रियार्की' जैसे नारों पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी के व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की।
भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिला सम्मान के मुद्दे पर कांग्रेस की यह दोहरी भूमिका अब पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) मामले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि जेएनयू प्रकरण में भी कांग्रेस सांसद की भूमिका जनमानस के सामने आ चुकी है।
इसके साथ ही नवनाथ बन ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा बनाए गए भारत के संविधान को पैरों तले रौंदने का कांग्रेस का एक लंबा इतिहास रहा है। अंत में उन्होंने मांग की कि कांग्रेस पार्टी को महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के मुद्दे पर अपना दोहरा रवैया छोड़कर देश की जनता को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।