Priyanka Chaturvedi On UGC Guidelines Controversy: उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव रोकने के लिए जारी UGC की नई गाइडलाइंस ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इन नियमों को 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार देते हुए भाजपा पर हमला बोला है। उनका तर्क है कि ये नियम समानता लाने के बजाय नफरत को बढ़ावा दे रहे हैं।
यूजीसी (UGC) के हालिया दिशा-निर्देशों पर असंतोष व्यक्त करते हुए सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि नियमों का वर्तमान स्वरूप विद्यार्थियों के बीच दूरियां पैदा करने वाला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कैंपस में जातिगत भेदभाव होता है, तो सख्त कार्रवाई अनिवार्य है और इस पर कोई दो राय नहीं हो सकती। लेकिन, नए नियम जिस तरह से पेश किए गए हैं, वे खुद में एक नया विवाद खड़ा कर रहे हैं।
प्रियंका चतुर्वेदी के अनुसार, यूजीसी की इन गाइडलाइंस में पहले से ही एक धारणा बना ली गई है कि समाज का एक वर्ग हमेशा शोषक होगा और दूसरा शोषित। उन्होंने शिकायत दर्ज करने के सीमित अधिकारों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इन नियमों में शिकायत का अधिकार केवल विशिष्ट वर्गों (SC/OBC) तक सीमित करना अपने आप में पक्षपात है। न्याय की प्रक्रिया सबके लिए समान होनी चाहिए, न कि पहले से तय धारणाओं पर आधारित।
पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय हो सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि शकील अहमद लंबे समय तक कांग्रेस के महत्वपूर्ण पदों और सरकार में मंत्री रहे हैं। उनके जैसे वरिष्ठ नेता का अचानक इस्तीफा देना उनके मन की गहरी असुष्टि को दर्शाता है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीतिक चर्चाओं में शब्दों के अर्थ अक्सर अलग-अलग निकाले जाते हैं।
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आगामी बजट सत्र पर चर्चा करते हुए सांसद ने वैश्विक उथल-पुथल की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए नए टैरिफ के बाद यह भारत का पहला बजट होगा। प्रियंका ने सवाल उठाया कि सरकार अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौतों और ट्रेड डील की चुनौतियों से कैसे निपटेगी? उन्होंने जोर दिया कि इस बजट में घरेलू मुद्दों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक रिश्तों पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है।