NCP Ajit Pawar Faction News: पूर्व उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन के बाद उनकी पार्टी राकांपा लगातार विवादों में घिर रही है। पार्टी में आंतरिक मतभेद और बगावत के सुर खुलकर सामने आने लगे हैं और गुटबाजी तेज हो गई है। निर्वाचन आयोग को भेजी गई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सूची में प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के पदों का उल्लेख न होने से दोनों नेताओं की नाराजगी की चर्चा जोरों पर है।
इतना ही नहीं, सियासी गलियारों में यह अटकलें भी तेज हैं कि पटेल और तटकरे कई विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो सकते हैं। राकां में लगातार गहरा रहे सियासी संकट के बीच राजनीतिक सलाहकार प्रशांत किशोर उर्फ पीके संकट मोचक की भूमिका में नजर आ सकते हैं।
सूत्रों का पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, राकां को अंदरूनी कलह से उबारने और आगामी चुनावों को लेकर बड़ी रणनीतिक तैयारी कर रही हैं। इसके लिए सुनेत्रा की सोमवार को सुबह देश के चर्चित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ करीब दो घंटे लंबी चर्चा हुई। इस दौरान अपने सांसद पुत्र पार्थ पवार भी सुनेत्रा के साथ मौजूद थे। दावा किया जा रहा है कि अगले दो दिनों में कानूनी औपचारिकताएं होने के बाद प्रशांत किशोर की कंपनी 1 जून से राकां के लिए काम शुरू कर देगी। अर्थात 'डिज़ाइन बॉक्स' के बाद अब पीके की कंपनी पार्टी की नई चुनावी रणनीति तय करेगी।
गौरतलब हो कि राकां में मचे घमासान के कारण पार्टी के विधायक अपने सियासी भविष्य को लेकर चिंतित है। दावा किया जा रहा है कि कुछ विधायक राकांपा के वरिष्ठ नेता शरद पवार के संपर्क में हैं तो वहीं कई विधायकों के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं हैं।
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हालांकि, पार्टी में मचे इस घमासान को शांत करने के लिए सुनेत्रा हर संभव प्रयास कर रही हैं। उन्होंने सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल से फोन पर बातचीत कर गलतफहमियों को दूर करने की कोशिश की है। विधायकों की दुविधा को खत्म करने के लिए सुनेत्रा ने इसी हफ्ते पार्टी की 'कोर कमेटी' की आपात बैठक बुलाई है।