पनवेल वसई उपनगरीय रेल कॉरिडोर सोर्स- सोशल मीडिया
मुंबई

पनवेल-वसई उपनगरीय रेल कॉरिडोर के लिए 12,710 करोड़ रूपय का प्रस्ताव केंद्र को भेजा, 17 स्टेशनों का होगा निर्माण

Mumbai Local Train: 69.23 किमी लंबे पनवेल-वसई उपनगरीय रेल कॉरिडोर के लिए ₹12,710 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया। 17 स्टेशनों वाले इस मार्ग पर 28 किमी एलिवेटेड ट्रैक बनेगा।

रूपम सिंह

Highlights

  • पनवेल-वसई रेल कॉरिडोर के लिए ₹12,710 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र को भेजा।

  • 69.23 किमी लंबे रूट पर बनेंगे 17 स्टेशन, 28 किमी मार्ग एलिवेटेड होगा।

  • पनवेल से वसई-विरार तक सीधी लोकल सेवा मिलेगी, तीसरी-चौथी मुंबई को कनेक्टिविटी।

Panvel Vasai Suburban Rail Corridor MUTP 3B : मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पनवेल से वसई के बीच प्रस्तावित उपनगरीय रेल कॉरिडोर के लिए 12,710 करोड़ 82 लाख रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। करीब 69.23 किलोमीटर लंबे इस रेल मार्ग का निर्माण मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (MUTP-3B) के तहत करने की योजना है। परियोजना पूरी होने पर पनवेल और वसई-विरार के बीच सीधी लोकल ट्रेन सेवा शुरू करने का रास्ता साफ हो सकेगा।

69.23 किलोमीटर लंबे मार्ग पर बनेंगे 17 स्टेशन

प्रस्तावित पनवेल-वसई रेल कॉरिडोर पर कुल 17 स्टेशन बनाए जाने की योजना है। मार्ग में हाईवे और खाड़ियों जैसी भौगोलिक बाधाओं को देखते हुए लगभग 28 किलोमीटर हिस्से को एलिवेटेड बनाया जाएगा। इससे घनी आबादी और विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में रेल मार्ग तैयार करने में मदद मिलेगी।

लोकल बदलने की परेशानी से मिलेगी राहत

फिलहाल पनवेल से वसई-विरार क्षेत्र तक सीधी उपनगरीय लोकल ट्रेन उपलब्ध नहीं है। यात्रियों को कुर्ला, दादर या दूसरे स्टेशनों पर ट्रेन बदलकर सफर करना पड़ता है। नया कॉरिडोर बनने से पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित हो सकेगा। इससे रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों का समय और परेशानी कम होने की उम्मीद है।

तीसरी और चौथी मुंबई को मिलेगा फायदा

पनवेल, भिवंडी और वसई-विरार में तेजी से आवासीय और औद्योगिक विकास हो रहा है। प्रस्तावित रेल मार्ग इन क्षेत्रों की नई बस्तियों और औद्योगिक इलाकों को उपनगरीय नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। तीसरी और चौथी मुंबई के रूप में विकसित होने वाले नए शहरी क्षेत्रों के लिए भी यह परियोजना अहम मानी जा रही है।

वाढवण बंदरगाह की कनेक्टिविटी भी होगी मजबूत

पालघर जिले में विकसित हो रहे वाढवण बंदरगाह के लिहाज से भी यह कॉरिडोर महत्वपूर्ण हो सकता है। बंदरगाह के शुरू होने के बाद क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों, रोजगार और परिवहन की मांग बढ़ने की संभावना है। बेहतर रेल संपर्क से इन जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

पनवेल-कर्जत कॉरिडोर का 99 प्रतिशत काम पूरा

इस बीच पनवेल-कर्जत उपनगरीय रेल कॉरिडोर का लगभग 99 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। एमआरवीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विलास एस. वाडेकर के अनुसार, पनवेल-वसई परियोजना का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना की मंजूरी पर नजरें टिकी हैं।

दिल्ली के गफ्फार मार्केट में आग का तांडव, कई दुकानें धधकी; आग बुझाने के लिए पहुंचीं दमकल की 22 गाड़ियां

भारत से निकलकर कैसे ग्लोबल हुई दिवाली? 20 साल में कितना बदल गया दुनिया का भारत के त्योहारों को देखने का नजरिया

झारखंड के खूंटी में भीषण सड़क हादसा, स्कूटी दुर्घटना के बाद जमा लोगों को ट्रक ने कुचला; 7 की मौत

UP Richest Person: कौन है उत्तर प्रदेश का सबसे अमीर शख्स, कारोबार से लेकर उनकी नेटवर्थ तक, जानें सबकुछ

DRDO की बड़ी उपलब्धि, प्रलय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण सफल; रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई