

दिवाली पर मिलावटी मिठाइयों को लेकर FDA की चेतावनी, चांदी के वर्क की पहचान बताई।
महाराष्ट्र में 9,667 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच, 954 लाइसेंस निलंबित और 25 रद्द।
दवा कारोबार पर भी कार्रवाई, मुंबई में 20 लाइसेंस रद्द और 85 निलंबित।
FDA की कार्रवाई के बाद कूपर अस्पताल का ब्लड बैंक 5 और 6 नवंबर को बंद।
Maharashtra FDA Crackdown Tukaram Mundhe: दीपावली पर चांदी के वर्क और सोने जैसी सजावट वाली महंगी मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। लेकिन चमक देखकर मिठाई खरीदना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने लोगों से अपील की है कि मिठाई की कीमत और सजावट के बजाय उसकी शुद्धता पर ध्यान दें।
असली चांदी के वर्क की पहचान यह है कि उसे उंगलियों से रगड़ने पर वह घुल जाता है, जबकि मिलावटी एल्युमिनियम की परत छोटी गोली जैसा रूप ले लेती है। एफडीए की 1 सितंबर से 3 नवंबर 2026 तक चली राज्यव्यापी मुहिम में 9,667 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इस दौरान 954 के लाइसेंस निलंबित और 25 रद्द किए गए।
करीब 63.45 करोड़ रुपये का 3,098.46 टन खाद्य पदार्थ जब्त किया गया। मुंबई में 1,504 प्रतिष्ठानों की जांच हुई और 142 के लाइसेंस निलंबित किए गए। दिवाली विशेष मुहिम के तहत 15 अक्टूबर से 3 नवंबर तक राज्य में 3,332 प्रतिष्ठानों की जांच हुई, इनमें 326 के लाइसेंस निलंबित और 15 रद्द किए गए। 44.37 करोड़ रुपये का खाद्य पदार्थ जब्त हुआ। मुंबई में इस दौरान 1,037 प्रतिष्ठानों की जांच कर 76 के लाइसेंस निलंबित किए गए।
सस्ती मिठाई और भड़कीले रंग से बचने की सलाह एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने लोगों से बेहद सस्ती मिठाई, मावा और सूखे मेवे खरीदने से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि तेज रंग वाली मिठाई न खरीदें। दूध की मिठाई कम मात्रा में लें और फ्रिज में रखकर एक-दो दिन में खा लें। खरीदारी के समय दुकान का लाइसेंस और मिठाई की ताजगी भी जांचें।
असली चांदी का वर्क उंगलियों से रगड़ने पर घुल जाता है।
एल्युमिनियम की परत रगड़ने पर छोटी गोली बन जाती है।
बहुत ज्यादा चमकदार और तेज रंग वाली मिठाई से बचें।
दूध की मिठाई फ्रिज में रखें और एक-दो दिन में खा ले।
मावा, घी और मिठाई अधिक सस्ती मिलने पर सावधान रहे।
दुकान का खाद्य सुरक्षा लाइसेंस और बिल जरूर जांचें।
मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में दवा कारोबार पर निगरानी तेज हुई है। एफडीए ने अक्टूबर 2026 में राज्य भर में 1,986 जांच की। अप्रैल से अक्टूबर के सात महीनों में कुल 7,950 जांच हुई, यानी अकेले अक्टूबर में करीब 25 प्रतिशत काम निपटा। मुंबई में अक्टूबर में 322 जांच हुई। इनमें 280 दवा बिक्री की दुकानों की और 42 दवा बनाने वाली इकाइयों की थी।
मुंबई में 96 नोटिस दिए गए, 20 लाइसेंस रद्द हुए और 85 निलंबित हुए, यानी कुल 105 कार्रवाई हुई। मुंबई में हर 100 जांच पर 33 कार्रवाई हुई, जबकि राज्य का औसत 27 रहा। अप्रैल से अक्टूबर तक मुंबई में 1,257 जांच, 539 नोटिस और 493 कार्रवाई दर्ज हुई। बाकी राज्य में कोकण विभाग सबसे आगे रहा, जहां 556 जांच और 156 कार्रवाई हुई। पुणे शहर में 375 जांच और 77 कार्रवाई हुई।
अमरावती में 66 जांच के बाद 28 कार्रवाई हुई, यानी हर 100 जांच पर 42, जो सबसे ऊंची दर है। जब्ती की 11 कार्रवाइयों में करीब 34.51 लाख रुपये का माल पकड़ा गया। अकेले नागपुर के एक मामले में 22।04 लाख रुपये की दवाएं मिलीं।
मुंबई शहर में कोलाबा के आईएनएचएस अश्विनी में 29 अक्टूबर को दो नकली दवाएं मिली, जिनकी कीमत 1,00,900 रुपये है। छत्रपति संभाजीनगर में नाइट्राजेपाम नशीली गोलियों की अवैध बिक्री के दो मामलों में 199 गोलियां जब्त हुईं। एनडीपीएस कानून के तहत 2 एफआईआर दर्ज हुईं और 4 लोग गिरफ्तार किए गए।
अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आदेश के बाद विले पार्ले के डॉ.आर. एन. कूपर अस्पताल का ब्लड बैंक दो दिन के लिए बंद कर दिया गया है। यह अस्पताल मुंबई महानगरपालिका का है।
ब्लड बैंक की सभी सेवाएं 5 और 6 नवंबर 2026 को बंद रहेंगी। 5 नवंबर की आधी रात से सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। 7 नवंबर 2026 की आधी रात के बाद सभी सेवाएं फिर शुरू हो जाएंगी।
ब्लड बैंक बंद रहने से मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने दूसरा इंतजाम किया है।
जिन मरीजों को ब्लड कंपोनेंट्स की जरूरत है, उनसे अपील की गई गई है कि वे जोगेश्वरी में एचबीटी ट्रॉमा अस्पताल के ब्लड बैंक से मदद लें। प्रशासन ने भर्ती मरीजों को हुई परेशानी के लिए खेद जताया है।