ओला कैब सर्विस (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

RTO ने तय किए नए टैक्सी किराए, लेकिन ओला-उबर कर रही हैं मनमाने वसूली!

Mumbai और उसके उपनगरों में चल रही ऐप बेस्ड टैक्सी सर्विस के लिए RTO ने किराए की नई दरें तय की हैं, जो 18 सितंबर से लागू हो गई हैं। लेकिन इसके बाद भी ओला, उबर मनमाना किराया वसूल रही है।

अपूर्वा नायक

Mumbai News In Hindi: मुंबई और उपनगरों में चल रही ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के लिए परिवहन विभाग (आरटीओ) ने किराए के नए दर तय किए हैं, जो 18 सितंबर से लागू हो चुके हैं।

इसके बावजूद ओला, उबर, रैपिड जैसी कंपनियों ने अब तक यह दरें लागू नहीं की हैं और मनमाने तरीके से किराया वसूलना जारी रखा है।इस बीच आरटीओ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय किए गए दरों को लागू नहीं किया गया तो इन कंपनियों के प्रोविजनल लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।

ऐप आधारित परिवहन सेवाओं के लिए सरकार ने एक समग्र नीति तैयार की है, जिसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है। नियम अंतिम होने के बाद गाड़ियों की कीमत के अनुसार ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के किराए तय किए जाएंगे। तब तक आरटीओ ने प्रोविजनल परमिट जारी किया है और प्रति किलोमीटर 22.72 का किराया निश्चित किया है।

चालक और यात्रियों की मिश्रित प्रतिक्रिया

साथ ही मांग और गैर-मांग की अवधि में इसमें कुछ कमी-बढ़ोतरी की छूट भी दी गई है। लेकिन यह दरें ऐप पर लागू न होने के कारण कई ड्राइवरों ने मंगलवार से सीधे आरटीओ दरों के अनुसार किराया वसूलना शुरू कर दिया है। परिवहन विभाग ने इस पर कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर निश्चित ही कार्रवाई होगी।

भारतीय गिग वर्कर्स मंच ने चालकों से अपील की है कि वे तय हुई दरों के अनुसार ही कि रा या वसूलें। जब इस विषय पर ज चाल को और यात्रियों से बातचीत की तो प्रतिक्रिया अलग-अलग देखने को मिली। कुछ यात्री आरटीओ दरों के हिसाब से भुगतान करने को तैयार दिखे, जबकि कुछ यात्रियों ने ऐप पर दिखने वाले किराए के अनुसार ही सफर करना पसंद किया। इस विरोधाभास के चलते कई जगह यात्रियों और चालकों के बीच बहस तक हो गई। नतीजतन, कई ड्राइवरों ने कहा कि स्वाद-विवाद से बचने के लिए हम सिर्फ ऐप पर दिखाए गए ही किराए लेते हैं।

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