मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

अब बिना चीर-फाड़ के होगा पोस्टमार्टम! CM फडणवीस ने किया बड़ा ऐलान, मुंबई के इन अस्पतालों में आ रही ये नई तकनीक

Non-Invasive Post-Mortem: महाराष्ट्र के पोस्टमार्टम केंद्रों में देरी और स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए मुंबई के जेजे और केईएम अस्पताल में आधुनिक 'नॉन-इनवेसिव पोस्टमार्टम तकनीक' शुरू की जाएगी।

आकाश मसने

Non-Invasive Post-Mortem In Maharashtra: महाराष्ट्र के पोस्टमार्टम केंद्रों में कर्मचारियों की भारी कमी और रिपोर्ट मिलने में होने वाली लंबी देरी को लेकर राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा और विधान परिषद में उठ रहे सवालों के बीच मुंबई के प्रमुख अस्पतालों में अत्याधुनिक 'नॉन-इनवेसिव पोस्टमार्टम' तकनीक शुरू करने की घोषणा की है।

क्या है नॉन-इनवेसिव पोस्टमार्टम?

नॉन-इनवेसिव पोस्टमार्टम (Non-Invasive Postmortem) या वर्चुअल ऑटोप्सी एक ऐसी आधुनिक तकनीक है, जिसमें शव की चीर-फाड़ किए बिना शरीर के अंदरूनी अंगों की जांच की जाती है। अब बिना चीर-फाड़ के होगा पोस्टमार्टम! CM फडणवीस ने किया बड़ा ऐलान, मुंबई के इन अस्पतालों में आ रही नई तकनीकइस नई तकनीक के आने के बाद अब शवों की बिना चीर-फाड़ किए ही बेहद सटीक, वैज्ञानिक और डिजिटल तरीके से जांच की जा सकेगी, जिससे पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।

महाराष्ट्र में 533 पोस्टमार्टम केंद्र

दरअसल महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भाजपा विधायक चित्रा वाघ ने मंगलवार को विधान परिषद में पोस्टमार्टम केंद्रों में कर्मचारियों की कमी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से पोस्टमार्टम कराए जाने और रिपोर्ट में देरी का गंभीर मुद्दा उठाया था। सतेज पाटिल, डॉ. नीलम गोर्हे ने भी इस पर पूरक प्रश्न पूछे।

इस पर जवाब देते मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पोस्टमार्टम केंद्र के आंकड़े साझा किए। उन्होंने विधान परिषद में बताया कि राज्य में फिलहाल 533 पोस्टमार्टम केंद्र कार्यरत हैं और इस वर्ष मई तक 10,905 पोस्टमार्टम किए जा चुके हैं।

जेजे और केईएम में मशीनों की खरीद पूरी

CM देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि मुंबई के जेजे अस्पताल और केईएम अस्पताल में बिना चीरफाड़ वाली नॉन-इनवेसिव पोस्टमार्टम तकनीक शुरू करने के लिए आवश्यक मशीनों की खरीद और निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

लंबित रिपोर्ट घटकर 75,000 पर

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने में 6 महीने से एक वर्ष तक लग जाते थे लेकिन पिछले 2 से 3 वर्षों में न्यायवैद्यक प्रयोगशालाओं के काम में तेजी से लंबित रिपोर्टों की संख्या करीब 3 लाख से घटकर 75,000 रह गई है। अगले 3 से 4 महीनों में लंबित मामलों को सामान्य स्तर पर लाने का प्रयास किया जाएगा, जिसमें मेडिको लीगल और विसरा सुरक्षित रखे गए मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी।

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