MVA Seat Sharing Conflict For RS Election: महाराष्ट्र में राज्यसभा की 7 सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने महाविकास आघाड़ी (मविआ) के भीतर 'एक अनार सौ बीमार' जैसी स्थिति पैदा कर दी है। गठबंधन के पास मौजूद संख्या बल के अनुसार, मविआ केवल एक ही सीट सुरक्षित रूप से जीत सकती है, लेकिन इस इकलौती सीट के लिए शिवसेना (UBT), कांग्रेस और राकां (SP) के बीच जबरदस्त खींचतान मची हुई है।
जहाँ शिवसेना (UBT) अपने 20 विधायकों के दम पर सीट मांग रही है, वहीं कांग्रेस अपनी राष्ट्रीय पार्टी की साख का हवाला दे रही है। इस बीच, शरद पवार की उम्मीदवारी को लेकर बना सस्पेंस गठबंधन की गुत्थी को और उलझा रहा है।
शिवसेना (UBT) के भीतर राज्यसभा चुनाव की उम्मीदवारी को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा है। सांसद प्रियंका चतुर्वेदी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है और आदित्य ठाकरे उन्हें दोबारा भेजने के पक्ष में हैं। हालांकि, पार्टी के पुराने दिग्गजों में नाराजगी देखी जा रही है। अंबादास दानवे, चंद्रकांत खैरे, विनायक राउत और राजन विचारे जैसे वरिष्ठ नेताओं के नाम भी रेस में हैं। हाल ही में हुई मविआ की बैठक का आदित्य ठाकरे द्वारा कथित बहिष्कार इस बात का संकेत है कि शिवसेना (UBT) इस सीट को आसानी से छोड़ने के मूड में नहीं है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) के प्रमुख शरद पवार का कार्यकाल भी अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है। जयंत पाटिल और शशिकांत शिंदे जैसे नेता चाहते हैं कि पवार साहब ही दोबारा राज्यसभा जाएं। यदि शरद पवार लड़ने का फैसला करते हैं, तो पूरा गठबंधन उनके नाम पर सहमत हो सकता है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने अपनी रणनीति के तहत बालासाहेब थोरात का नाम आगे बढ़ाया है। कांग्रेस का प्रस्ताव है कि वे उद्धव ठाकरे को विधान परिषद (MLC) भेजने में मदद करेंगे, बशर्ते राज्यसभा की सीट कांग्रेस के खाते में आए।
महाराष्ट्र विधानसभा के वर्तमान समीकरणों के अनुसार, एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 38 प्रथम वरीयता के वोटों की आवश्यकता है। मविआ के पास कुल 46 विधायक हैं (UBT: 20, कांग्रेस: 16, राकां SP: 10)। इस संख्या बल के साथ वे एक सीट आसानी से जीत सकते हैं, लेकिन दूसरी सीट के लिए उनके पास पर्याप्त वोट नहीं हैं। यही कारण है कि तीनों दल इस इकलौती सीट पर अपना कब्जा जमाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 मार्च है, जिससे पहले मविआ को इस 'त्रिकोणीय' संघर्ष का समाधान ढूंढना होगा।