Mumbaicha Raja Ganesh Gali Visarjan Permission: मुंबई के प्रसिद्ध ‘मुंबईचा राजा’ के विसर्जन को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहा गतिरोध अब खत्म हो गया है। पुलिस की मंजूरी मिलने के बाद 22 फीट ऊंची गणपति प्रतिमा के भव्य विसर्जन का रास्ता साफ हो गया है।
मंडल की योजना के अनुसार प्रतिमा को अत्याधुनिक बार्ज के जरिए गिरगांव चौपाटी से गहरे समुद्र में ले जाकर विसर्जित किया जाएगा।
मुंबईचा राजा मंडल ने गहरे समुद्र में विसर्जन के लिए महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड से अनुमति ली थी। हालांकि, गिरगांव चौपाटी क्षेत्र BMC के अधिकार क्षेत्र में होने के कारण नगर निकाय और पुलिस से संबंधित अनुमतियां भी जरूरी थीं। इन्हीं औपचारिकताओं में देरी के कारण 24 सितंबर तक विसर्जन को लेकर असमंजस बना हुआ था।
बाद की जानकारी के अनुसार आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद अब 25 सितंबर को विसर्जन की तैयारी पूरी कर ली गई है। रिपोर्टों में बार्ज के जरिए गहरे समुद्र में विसर्जन का समय रात 8 बजे से 11 बजे के बीच बताया गया है।
गणेश गली के ‘मुंबईचा राजा’ का यह 99वां वर्ष है। इस साल मंडल ने विसर्जन के लिए विशेष व्यवस्था की है। 22 फीट ऊंची प्रतिमा को सामान्य तरीके से चौपाटी के किनारे विसर्जित करने के बजाय बार्ज पर ले जाकर समुद्र में निर्धारित गहराई तक ले जाने की योजना बनाई गई है।
मंडल के कार्यकर्ताओं के बीच अनुमति मिलने के बाद उत्साह का माहौल है। अब पारंपरिक जुलूस के साथ प्रतिमा को गिरगांव चौपाटी तक ले जाया जाएगा और वहां से विशेष व्यवस्था के तहत समुद्र में विसर्जित किया जाएगा।
अनंत चतुर्दशी पर मुंबई शहर में बड़ी संख्या में गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन होगा। BMC ने प्रमुख विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन की व्यवस्था की है।
गिरगांव चौपाटी पर इस बार विशेष आपातकालीन प्रबंधन नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था की गई है। यहां BMC आपदा प्रबंधन, मुंबई पुलिस, अग्निशमन दल, स्वास्थ्य विभाग, BEST और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच तत्काल समन्वय किया जाएगा।
विसर्जन के दौरान चौपाटी और आसपास के क्षेत्रों में CCTV कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी। समुद्र और भीड़ वाले इलाकों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
इसके अलावा प्राथमिक उपचार केंद्र, एंबुलेंस, दमकल वाहन और प्रशिक्षित आपदा प्रबंधन कर्मचारियों को तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, अस्थायी शौचालय और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था भी की गई है।
लाखों श्रद्धालुओं की संभावित मौजूदगी को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था की है। विसर्जन मार्गों पर बैरिकेडिंग और यातायात प्रबंधन के साथ सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
श्रद्धालुओं से प्रशासन ने पुलिस के निर्देशों का पालन करने, बैरिकेड के भीतर रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को देने की अपील की है।