मुंबई सफ़ेद पट्टी विवाद को लेकर देवेंद्र फडणवीस ने की अपील (सौ. डिजाइन फोटो ) 
मुंबई

मुंबई में ‘सफेद पट्टी’ विवाद गहराया, गिरगांव तक पहुंचा मामला; मुख्यमंत्री ने की शांति की अपील

Mumbai White Stripe Row: मुंबई में जैन साधु-साध्वियों के मार्ग पर बनाई जाने वाली सफेद पट्टियों को लेकर विवाद बढ़ गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सभी समुदायों से सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।

अपूर्वा नायक

Mumbai White Stripe Row MNS News: मुंबई के घाटकोपर से शुरू हुआ सड़कों पर सफेद पट्टी का विवाद अब गिरगांव चौपाटी तक जा पहुंचा है। इसे सांस्कृतिक आतंकवाद का नाम देते हुए राज ठाकरे की अगुवाई वाली मनसे सड़कों पर उतर गई है।

यह विवाद मराठी भाषी और जैन समुदाय के बीच उफनता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक-दूसरे का सम्मान करने और मिल-जुलकर रहने की अपील की है। उन्होंने समाज में फूट डालने की कोशिशों की निंदा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समुदाय को दूसरे के खिलाफ नहीं खड़ा होना चाहिए, सभी एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करें।

नेता अक्सर खबरों में बने रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं। इससे किसी को वोट नहीं मिलता। दरअसल मुंबई में सफेद पट्टी का विवाद बढ़ता जा रहा है। इससे पहले मनसे नेता संदीप देशपांडे ने दादर में सफेद पट्टियों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया था।

मनपा में नेता प्रतिपक्ष किशोरी पेडणेकर भी सड़क पर उतर गई थीं। इसके बाद मनपा कर्मचारियों ने दादर में सफेद पट्टी को काला कर दिया। अब गिरगांव में सफेद पट्टियों का विवाद उठा है। मनसे कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और सफेद पट्टी को खुद ही काला करना शुरू। कर दिया। मामला पुलिस के बीच-बचाव तक जा पहुंचा।

यूबीटी-मनसे का विरोध

पिछले सप्ताह विद्याविहार इलाके की एक सोसायटी में एक जैन परिवार ने जैन मुनियों के आने पर सोसायटी इलाके में सफेद पट्टियां बनाई थी। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर प्रसाद वेदपाठक ने सोशल मीडिया पर इस पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। इससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। बीते शुक्रवार को दादर में भी ऐसी ही सफेद धारिया देखी गई थी। दादर में गोखले रोड पर एक जैन पूजा स्थल के पास रोड पर सफ़ेद धारिया बनाए जाने के बाद मनसे ने आक्रामक रुख अपनाया था। यूबीटी और मनसे के विरोध के बाद मनपा ने इन पट्टियों को काले पेट से ढक दिया।

जैन समुदाय के लिए सफेद पट्टे का महत्व

जैन साधु-साध्वियां जब अनुयायियों के घर जाते हैं तो उनके रास्ते में ऐसी सफेद धारियां बनाई जाती हैं। गर्मियों में जमीन बहुत गर्म हो जाती है, इसलिए नंगे पैर चलने वाले साधु-साध्वियों के पैरों को ऐसी धारियों की वजह से राहत मिलती है।

बताया जाता है कि ये धारियां इसलिए बनाई जाती हैं ताकि जीवन के प्रति दया सिखाने वाले जैन धर्म के साधुओं के चलते समय उनके पैरों के नीचे दबकर कोई जीव-जंतु न मरे। जैन साधु-साध्वियां अपने धर्म के अनुयायियों के लिए अपने रास्ते पर सफेद धारियां बनाने की शर्त रखते हैं।

नहीं सहेंगे धर्मवाद की सियासत

  • मनसे विभाग प्रमुख दिनेश पुंडे के अनुसार जैन धर्मावलंबियों की और से बनाई गई सफेद पट्टियों को लेकर हम गिरगांवकर सड़क पर उतरे हैं।
  • इस सांस्कृतिक आतंकवाद को मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा की शाह मिल रही है।
  • हम महाराष्ट्र की संस्कृति और परंपरा के अनुसार मिल-जुलकर रहना चाहते हैं।
  • धर्मवाद की सियासत को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
  • यह समाज में विष घोलने की परंपरा को अंजाम दिया जा रहा है। यह एक सांस्कृतिक आतंकवाद है।

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