

White Line Controversy Jain Muni Viral Video: मुंबई का हृदय कहे जाने वाले दादर इलाके में इन दिनों सफेद पट्टी को लेकर विवाद गहरा गया है। दादर पश्चिम के डी. एस. बाबरेकर मार्ग और गोखले मार्ग पर जैन मुनियों के चलने के लिए सड़कों पर बनाई गई सफेद पट्टियों ने स्थानीय नागरिकों और एक विशेष समुदाय के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर दी है। इस मामले में अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कूदने से विवाद और भी रोचक और गरमा गया है।
इस पूरे विवाद के बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने आग में घी डालने का काम किया है। वीडियो में दिख रहा है कि जब जैन मुनि मीडिया से बात कर रहे थे, तभी कुछ स्थानीय मराठी महिलाएं अपना विरोध दर्ज कराने पहुंचीं। बहस के दौरान जैन मुनि का पारा चढ़ गया और उन्होंने एक महिला को चिल्लाते हुए कहा, अरे ए... आवाज नीचे। मुनि के इस आक्रामक व्यवहार के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
विवाद की जानकारी मिलते ही मनसे नेता संदीप देशपांडे ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि दोपहर 3 बजे तक ये सफेद पट्टियां नहीं हटाई गईं, तो मनसे कार्यकर्ता खुद सड़क पर उतरेंगे और इन पट्टियों पर काला रंग पोत देंगे। मनसे की इस चेतावनी के बाद बीएमसी प्रशासन तुरंत हरकत में आया। बीएमसी के अधिकारी और पुलिस की मौजूदगी में कर्मचारियों ने थिनर की मदद से सड़क पर बनी उन सफेद पट्टियों को मिटाने का काम शुरू कर दिया।
संदीप देशपांडे के रुख पर प्रतिक्रिया देते हुए जैन धर्मगुरु निलेश चंद्र मुनि ने कहा कि मनसे नेता दो समुदायों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जैन समाज शांतिप्रिय जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जैन समाज ने चूड़ियाँ पहनी हैं। उन्होंने संदीप देशपांडे को बाल ठाकरे की याद दिलाते हुए कहा कि बालासाहेब ने हमेशा जैन और मारवाड़ी समाज से प्रेम किया और कभी किसी को परेशान नहीं होने दिया।
फिलहाल दादर के इन इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। हालांकि प्रशासन ने सड़कों से पट्टियां हटा दी हैं, लेकिन स्थानीय नागरिकों और जैन समुदाय के बीच पैदा हुई यह कड़वाहट राजनीति का नया केंद्र बन गई है। मुनि के वायरल वीडियो और मनसे की 'कार्रवाई' ने इस विवाद को पूरे मुंबई में चर्चा का विषय बना दिया है।