Mumbai Water Cut El Nino Impact: शहर में गर्मी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, बढ़ती गर्मी के कारण बांधों में पानी का वाष्पीकरण तेजी से बढ़ रहा है, जिससे शहर में संभावित जल संकट को टालने के लिए प्रशासन ने तेजी से कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
अल-नीनो के प्रभाव के चलते इस वर्ष बारिश कम होने की आशंका भी जताई जा रही है। इसी पृष्ठभूमि में प्रशासन ने 1 मई से शहर में 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू करने का प्रस्ताव बीएमसी आयुक्त के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है।
फिलहाल Mumbai Water Cut करने वाले सातों बांधों में कुल 33.60 प्रतिशत पानी उपलब्ध है, जो लगभग 7 जुलाई तक पर्याप्त माना जा रहा है। मानसून के देर से आने की संभावना को देखते हुए राज्य सरकार ने इस वर्ष अगस्त तक पानी का नियोजन करने के निर्देश दिए हैं। इसलिए पानी के उपयोग पर नियंत्रण रखने के लिए कटौती जरूरी मानी जा रही है। मुंबई को मोडक सागर, मध्य वैतरणा, अपर वैतरणा, तानसा, भातसा, तुलसी और विहार इन सात बांधों से रोजाना लगभग 4,100 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति होती है।
BMC ने शहर में जल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत जल सुरंग क्रमांक 1 और जल सुरंग क्रमांक 2 में भराव (चार्जिंग), घुलाई (फ्लशिंग), क्लोरीनीकरण और डी-क्लोरीनीकरण का कार्य 20 अप्रैल 2026 से 27 अप्रैल 2026 के बीच किया जाएगा। जल सुरंग क्रमांक 1 अमर महल (हेगडेवार उद्यान) से वडाला (प्रतीक्षा नगर) होते हुए परेल (सदाकांत धवन उद्यान) तक पानी पहुंचाती है।
जल सुरंग क्रमांक 2 अमर महल से ट्रॉम्बे के निम्न और उच्च स्तरीय जलाशयों तक जल आपूर्ति सुनिश्चित करती है। इस दौरान जल आपूर्ति पर आंशिक प्रभाव पड़ेगा। पूर्व उपनगरों के एल (कुर्ला पूर्व), एम पूर्व, एम पश्चिम, एन, एस और टी वार्ड तथा शहर के ए, बी, सी, ई, एफ उत्तर और एफ दक्षिण वार्ड में पानी की आपूर्ति में 5 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।
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पिछले तीन वर्षों की तुलना में इस वर्ष पानी का भंडार बेहतर है, फिर भी संभावित कम बारिश और बढ़ते तापमान को देखते हुए प्रशासन सतर्क रुख अपना रहा है। साथ ही मुंबईवासियों से पानी का सावधानीपूर्वक उपयोग करने की अपील भी की गई है।