Mumbai Water Crisis Relief News: महानगर में संभावित जल संकट को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने मुंबईकरों को बड़ी राहत दी है। मुंबई-ठाणे को पानी उपलब्ध कराने वाली सात प्रमुख झीलों में जल भंडार लगातार घट रहा है और वर्तमान में कुल संग्रहण क्षमता का केवल 13।20 प्रतिशत पानी ही शेष बच्चा है।
इस गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने बीएमसी की मांग स्वीकार करते हुए अपर वैतरणा और भातसा जलाशय से अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने की अनुमति प्रदान की है। इस निर्णय से आगामी महीनों में मुंबई की जलापूर्ति व्यवस्था को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
मुंबई की पेयजल व्यवस्था मुख्य रूप से भातसा, अपर वैतरणा, मध्य वैतरणा, तानसा, मोडक सागर, विहार और तुलसी झीलों पर निर्भर है। गर्मी बढ़ने और मानसून के आगमन में देरी की आशंका के बीच इन जलाशयों का स्तर लगातार नीचे जा रहा है। इसी कारण बीएमसी ने राज्य सरकार के समक्ष अतिरिक्त जल भंडार उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
जल संसाधन विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, बीएमसी को अपर वैतरणा परियोजना से 90 मिलियन घन मीटर (एमसीएम) तथा भात्सा जलाशय से 147.12 एमसीएम अतिरिक्त पानी लेने की अनुमति दी गई है। कुल मिलाकर मुंबई के लिए 237.12 एमसीएम अतिरिक्त जल उपलब्ध रहेगा, जिसे आपातकालीन आवश्यकता के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।
अल-नीनो प्रभाव और कम वर्षा की आशंका को देखते हुए मुंबई में 15 मई से 10 प्रतिशत जल कटौती लागू की गई थी। झीलों में तेजी से घटते जलस्तर के कारण प्रशासन अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने की संभावना पर भी विचार कर रहा था। हालांकि राज्य सरकार से अतिरिक्त पानी की मंजूरी मिलने के बाद फिलहाल नई कटौती लागू करने की योजना को स्थगित कर दिया गया है।
बीएमसी के अनुसार, 15 मई से शुरू हुई 10 प्रतिशत कटौती 17 अगस्त तक प्रभावी रहेगी। बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि यदि मानसून अपेक्षा से देर से आता है या वर्षा सामान्य से कम होती है, तो यह अतिरिक्त्त जल भंडार मुंबई के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच साबित होगा। सरकार के इस फैसले से करोड़ों मुंबईवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है और निकट भविष्य में संभावित जल संकट की आशंका काफी हद तक कम हो सकती है।