रो रो फेरी सेवा (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

पानी के रास्ते कोंकण जाना हुआ आसान! मुंबई-विजयदुर्ग रो-रो सेवा 1 मार्च से होगी शुरू, बाइक-कार ले जा सकेंगे साथ

Konkan Ro-Ro service: कोंकण जाने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुंबई-विजयदुर्ग रो-रो सेवा 1 मार्च से शुरू होगी। अब 12 घंटे का सफर मात्र 5-6 घंटे में तय होगा, वो भी अपने वाहनों के साथ।

सूर्यप्रकाश मिश्र

Mumbai To Vijaydurg Ro-Ro Ferry: पानी के रास्ते मुंबई से कोंकण का सफर तय करने वालों के लिए खुशखबरी है। मेरी टाइम बोर्ड ने मुंबई और विजयदुर्ग के बीच बहुप्रतीक्षित रो-रो सेवा को हरी झंडी दे दी है। होली के पहले 1 मार्च से मुंबई से कोंकण के विजयदुर्ग तक रो रो सेवा शुरू होने की जानकारी मिली है।

रो-रो फेरी से 5-6 घंटे में सफर

इस रो रो फेरी से मुंबई और सिंधुदुर्ग जिले के बीच की दूरी मात्र 5-6 घंटे में तय की जा सकेगी। सड़क मार्ग से कोंकण जाने के लिए फिलहाल 10 से 12 घंटे लगते हैं। महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड द्वारा निजी ऑपरेटर के माध्यम से शुरू होने वाली इस सेवा से न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि कोंकण में टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।

गणेशोत्सव में शुरू करने का था प्लान

गौरतलब है कि अगस्त 2025 में ही मुंबई से विजयदुर्ग रो-रो फेरी शुरू करने प्लान था,ताकि गणेशोत्सव में लोग कोंकण की यात्रा आसानी से कर सकें। लेकिन कुछ तकनीकी कारणों की वजह से देरी हुई। अब सभी दिक्कतें दूर हो गई हैं और 1 मार्च से सर्विस शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इससे मुंबईकरों को गर्मियों में कोंकण जाने के लिए एक नया दूसरा रास्ता मिलेगा। वैसे गणेशोत्सव एवं गर्मी की छुट्टियों में लोग बड़े पैमाने पर कोंकण की यात्रा करते हैं। मुंबई गोवा हाइवे पर लगने वाले ट्रैफ़िक जाम के कारण सड़क के रास्ते कोंकण की यात्रा फिलहाल कष्टप्रद ही है।

वाहनों को साथ ले जा सकेंगे

अब पानी के रास्ते स्वयं यात्रा करने के साथ अपने वाहनों को भी साथ ले जाने का विकल्प उपलब्ध होगा। यह सर्विस मुंबई के भाऊ का धक्का से सीधे कोंकण तट के विजयदुर्ग तक होगी। इस रूट पर पैसेंजर जेटी को अब रो-रो जेटी में बदल दिया गया है। इस रो-रो जेटी से यात्री अपने चार पहिया और दो पहिया वाहन ले जा सकते हैं। इसके लिए सभी सुविधाएं विजयदुर्ग और मुंबई टर्मिनल पर उपलब्ध कराई गई हैं।

कितना होगा किराया

वैसे कोंकण जाने के लिए ट्रेन की आरामदायक यात्रा का किफायती विकल्प है,परंतु ट्रेन का टिकट भी समय पर नहीं मिलता। छुट्टियों एवं त्योहारों के समय तो और मुश्किल हो जाती है। रो रो सर्विस के लिए टिकट की कीमतें प्रति यात्री 800 से 1200 रुपये हो सकती है। इसके अलावा दो पहिया वाहनों के लिए टिकट की कीमत 1000 रुपये और चार पहिया वाहनों के लिए लगभग 4500 से 6000 रुपये हो सकती है।

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