तीन तरबूज जितना बड़ा ट्यूमर सोर्स:फोटो नवभारत
मुंबई

3 तरबूज जितना बड़ा ट्यूमर! 3 घंटे चली सर्जरी; मुंबई में सातारा की महिला को डॉ. राजश्री कटके ने दी नई जिंदगी

Mumbai Satara Doctors Remove Giant Tumor: मुंबई में सातारा की दीपाली के पेट में तीन तरबूज जितना बड़ा ट्यूमर पाया गया। सेंट जॉर्ज अस्पताल में करीब 3 घंटे की जोखिमभरी सर्जरी के बाद महिला की जान बचाई गई।

मनीषा बोंदरे

Mumbai Hospital Tumor Surgery Medical News: मुंबई में सातारा की दीपाली के पेट में तीन तरबूज जितना बड़ा ट्यूमर पाया गया। ट्यूमर तेजी से बढ़ रहा था और महत्वपूर्ण अंगों पर दबाव डाल रहा था। कई अस्पतालों द्वारा इलाज को जोखिम भरा बताए जाने के बाद सेंट जॉर्ज अस्पताल में करीब 3 घंटे चली सर्जरी की गई।

पेट में बढ़ता गया विशाल ट्यूमर

मुंबई, सातारा की रहने वाली कामकाजी महिला दीपाली अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी जागरूक थीं। इसके बावजूद उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनके पेट में तीन तरबूज जितना बड़ा ट्यूमर विकसित हो चुका है। ट्यूमर बढ़ने के साथ उनका पेट फूल गया, पैरों में सूजन आने लगी और चलने-फिरने में परेशानी होने लगी। इसके अलावा उन्हें सांस फूलने की समस्या भी होने लगी थी।

दीपाली ने बताया कि जुलाई 2026 में सोनोग्राफी के जरिए उन्हें पेट में मौजूद ट्यूमर के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने सातारा और नवी मुंबई के कई चिकित्सकों और अस्पतालों में उपचार के लिए संपर्क किया। ट्यूमर के आकार और उससे जुड़े जोखिम को देखते हुए कई चिकित्सकों ने इसे बेहद जटिल मामला बताया।

महिला डॉक्टर की सलाह से मिली उम्मीद

इलाज के दौरान एक महिला डॉक्टर ने दीपाली को सेंट जॉर्ज अस्पताल की वरिष्ठ प्राध्यापक एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. राजश्री दयानंद कटके के बारे में जानकारी दी। डॉ. राजश्री इस तरह के बड़े ट्यूमर की सर्जरी कर चुकी हैं और इससे पहले 30 किलो तक के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कर चुकी हैं।

इसके बाद दीपाली ने डॉ. राजश्री से उपचार कराने का निर्णय लिया और सेंट जॉर्ज अस्पताल पहुंचीं।

ट्यूमर में थीं बड़ी संख्या में रक्त वाहिकाएं

डॉक्टरों के अनुसार, दीपाली का मामला कई कारणों से चुनौतीपूर्ण था। उन्हें पहले से हृदय के वाल्व की समस्या थी। इसके अलावा ट्यूमर काफी बड़ा था और उसमें बड़ी संख्या में रक्त वाहिकाएं मौजूद थीं। ट्यूमर पेट के अंदर मौजूद महत्वपूर्ण अंगों पर भी दबाव डाल रहा था।

चिकित्सकों के मुताबिक, ट्यूमर तेजी से बढ़ रहा था। ऐसे में ऑपरेशन में देरी करना जानलेवा साबित हो सकता था। इसी वजह से सर्जरी को बेहद जोखिमपूर्ण माना गया।

करीब तीन घंटे चली सर्जरी

डॉक्टरों की टीम ने जोखिमों को ध्यान में रखते हुए दीपाली की सर्जरी की। करीब तीन घंटे तक चली इस सर्जरी के बाद उन्हें उपचार दिया गया। डॉ. राजश्री के अनुसार, ट्यूमर के तेजी से बढ़ने और मरीज की अन्य स्वास्थ्य संबंधी स्थिति को देखते हुए यह एक चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन था।

समय पर उपचार मिलने के बाद दीपाली को राहत मिली और उनकी जान बचाई जा सकी। इस मामले ने बड़े आकार के ट्यूमर के समय पर पता चलने और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह लेने के महत्व को भी सामने रखा।

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