Mumbai Police Van Protest Students: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की आंच अब महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई तक पहुंच चुकी है। 18 जुलाई से शहर के विभिन्न हिस्सों में बिना अनुमति हो रहे उग्र प्रदर्शनों के बीच मुंबई के दादर और शिवाजी पार्क इलाके से एक बेहद हैरान करने वाला घटनाक्रम सामने आया है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस हिरासत में लिए गए छात्रों से भरी एक पुलिस वैन का दरवाजा किसी ने बाहर से खोल दिया और वैन में बंद प्रदर्शनकारी छात्र एक-एक करके नीचे उतरकर वापस भीड़ में शामिल हो गए। इस पूरे ड्रामे के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है, जहां एक धड़ा छात्रों की इस हरकत का समर्थन कर रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे पुलिसिया कार्रवाई में बाधा और अराजकता करार दे रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली में नीट विवाद और पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी और विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले मुंबई की सड़कों पर छात्र उतर आए थे। जब स्थिति अनियंत्रित होने लगी, तो मौके पर तैनात मुंबई पुलिस ने कुछ उपद्रवी और प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में लेकर एक पुलिस वैन में बैठाया।
इसी बीच सड़क पर खड़े एक समर्थक ने मौका पाकर पीछे से वैन का दरवाजा खींचकर खोल दिया। दरवाजा खुलते ही वैन के भीतर बंद सभी छात्र तुरंत बाहर कूद पड़े। बाहर खड़े अन्य प्रदर्शनकारियों ने तालियां बजाकर और नारेबाजी करके उनका स्वागत किया। यह पूरी घटना वहां मौजूद लोगों के कैमरों में कैद हो गई, जिसके बाद वीडियो विभिन्न प्लेटफार्मों पर तेजी से ट्रेंड करने लगा।
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इस सनसनीखेज घटनाक्रम और शहर में बिना पूर्व अनुमति के हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए मुंबई पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। शहर के अलग-अलग 13 पुलिस स्टेशनों में धारा 144 (निषेधाज्ञा) के उल्लंघन, गैरकानूनी जमावड़ा करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में 13 अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं, जिनमें करीब 400 लोगों को नामजद किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नामजद किए गए कई आरोपियों को नियमानुसार बीएनएस की धाराओं के तहत पुलिस नोटिस जारी कर पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है, लेकिन मुख्य साजिशकर्ताओं पर शिकंजा कसा जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दादर स्थित ऐतिहासिक चैत्यभूमि, शिवाजी पार्क, चेंबूर और दादर स्थित शिवसेना भवन के आसपास बिना अनुमति के रास्ते ब्लॉक करने और शांति भंग करने के मामले सामने आए हैं। इन सभी मामलों में लोक सेवक के आदेशों की अवहेलना और अनुचित अवरोध पैदा करने की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
फिलहाल, पुलिस वायरल वीडियो और आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण कर रही है ताकि पुलिस वैन का दरवाजा खोलने वाले और हिरासत से भागने वाले छात्रों की पहचान की जा सके। संवेदनशील इलाकों में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।