Mumbai Nalasopara Illegal Bangladeshi Detained: मुंबई पुलिस ने भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत पुलिस ने नालासोपारा और मुंबई के खार इलाके में कार्रवाई करते हुए महिलाओं और बच्चों समेत कुल 13 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है।
पुलिस अब हिरासत में लिए गए सभी लोगों की पहचान, भारत में उनके प्रवेश, यहां रहने की अवधि और दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों स्थानों पर की गई कार्रवाई के दौरान संदिग्ध लोगों की गतिविधियों और उनकी नागरिकता को लेकर जानकारी जुटाई गई थी। जांच के दौरान कुछ लोगों के बांग्लादेशी नागरिक होने की जानकारी सामने आने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन लोगों ने भारत में प्रवेश करने के लिए किन रास्तों का इस्तेमाल किया और यहां रहने के लिए उनके पास किस तरह के दस्तावेज मौजूद हैं।
पुलिस की पहली कार्रवाई नालासोपारा पूर्व के मोरेगांव झील इलाके में की गई। पुलिस को यहां कुछ संदिग्ध लोगों के रहने की सूचना मिली थी। यह जानकारी जुहू पुलिस स्टेशन के एंटी-टेररिज्म सेल (ATAC) तक पहुंची, जिसके बाद टीम ने मामले की पुष्टि करने और संदिग्ध लोगों की गतिविधियों की जानकारी जुटाने के लिए कार्रवाई शुरू की।
सूचना की जांच के बाद पुलिस टीम ने जय जीवदानी चॉल में तड़के छापेमारी की। पुलिस की अचानक हुई कार्रवाई से इलाके में हलचल मच गई। टीम ने मौके पर मौजूद संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ शुरू की। इसके बाद पुलिस ने उनके पहचान संबंधी दस्तावेजों और भारत में रहने की वैधता से जुड़े कागजात की जांच की।
जांच के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों के बांग्लादेशी नागरिक होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने सभी को आगे की जांच के लिए अपने कब्जे में लिया।
नालासोपारा में हुई कार्रवाई की खास बात यह रही कि हिरासत में लिए गए लोगों में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। पुलिस अब प्रत्येक व्यक्ति की अलग-अलग पहचान और पृष्ठभूमि की जांच कर रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये लोग भारत में कब और किस माध्यम से पहुंचे। इसके साथ ही उनके पास मौजूद पहचान पत्र, पते से संबंधित दस्तावेज और अन्य कागजात की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों की ओर से यह भी देखा जा रहा है कि इन दस्तावेजों में दी गई जानकारी वास्तविक है या नहीं। जांच के दौरान पुलिस यह जानकारी भी जुटा रही है कि हिरासत में लिए गए लोग नालासोपारा में कितने समय से रह रहे थे और उनके स्थानीय स्तर पर किन लोगों से संपर्क थे।
नालासोपारा के अलावा मुंबई के खार इलाके में भी पुलिस ने कार्रवाई की। यहां भी संदिग्ध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के बारे में जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
खार में हुई कार्रवाई के दौरान भी संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया। मुंबई पुलिस उनके दस्तावेजों और नागरिकता से संबंधित जानकारी की जांच कर रही है। दोनों मामलों को जोड़कर भी पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या हिरासत में लिए गए लोगों के बीच किसी प्रकार का संपर्क या संबंध है।
हालांकि, इस संबंध में पुलिस की जांच अभी जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस की जांच का प्रमुख हिस्सा हिरासत में लिए गए लोगों के दस्तावेजों की सत्यता और वैधता से जुड़ा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उनके पास भारत में रहने से संबंधित कौन-कौन से दस्तावेज हैं और वे दस्तावेज किस आधार पर बनाए गए हैं।
इसके अलावा पुलिस उनके स्थानीय पते, रहने की अवधि और यहां आने के उद्देश्य से संबंधित जानकारी भी जुटा रही है। यदि जांच के दौरान किसी दस्तावेज में अनियमितता या फर्जीवाड़ा सामने आता है, तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हिरासत में लिए गए लोगों ने भारत में प्रवेश और रहने के दौरान किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की मदद तो नहीं ली थी।
फिलहाल पुलिस सभी हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है। उनकी पहचान और नागरिकता की पुष्टि के साथ-साथ उनके दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।
यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि संबंधित लोग भारत में वैध दस्तावेजों के बिना रह रहे थे, तो उनके खिलाफ लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, बच्चों और महिलाओं से जुड़े मामलों में उनकी स्थिति और संबंधित दस्तावेजों की भी अलग से जांच की जा रही है।
मुंबई शहर और उसके आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में देश-विदेश से लोग रोजगार और अन्य कारणों से आते हैं।
ऐसे में पुलिस समय-समय पर संदिग्ध गतिविधियों और दस्तावेजों की जांच करती है। नालासोपारा और खार में हुई ताजा कार्रवाई भी इसी तरह की जांच का हिस्सा बताई जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हिरासत में लिए गए 13 लोगों का भारत में रहने का पूरा रिकॉर्ड क्या है। उनके संपर्कों, पते और दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में आगे किस तरह की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की ओर से इस तरह की जांच आगे भी जारी रहने के संकेत हैं। अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके दस्तावेजों की जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल नालासोपारा और खार से हिरासत में लिए गए सभी 13 लोगों से पूछताछ और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया जारी है।