Mumbai Monsoon Preparedness News: मुंबई शहर में लोग भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं, आमतौर पर 10 जून तक आने वाला मानसून अब 22 से 25 जून तक दस्तक दे सकता है। शहर की झीलें भी अब सुख रही हैं। उनमें केवल 12 प्रतिशत से भी कम पानी बचा हुआ है।
इन सब के बीच सोमवार को राज्य के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बीएमसी अधिकारियों से विडियो कांफ्रेंस के जरिये संपर्क कर मानसून तैयारियों का जायजा लिया। बीएमसी आयुक्त ने शिंदे को बताया कि मानसून में अगर बाढ़ की स्थिति आई, तो निपटने के लिए शहर में 1000 'आपदा मित्र', एनडीआरएफ की 3 टीमें व नौसेना की नौ टीमें तैनात की गई हैं।
आपदा मित्र में एनजीओ के वालंटियर्स, व विशेषज्ञ शामिल रहते हैं जो विपरीत परिस्थिति में नागरिकों की मदद करते हैं। मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि न हो, इसे सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए शिंदे ने सभी प्रशासनिक एजेंसियों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई और महानगर क्षेत्र में 'शून्य जनहानि' का लक्ष्य लेकर आपदा प्रबंधन, जल निकासी और नागरिक सुविधाओं को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि इस वर्ष मानसून में देरी होने से प्रशासन को अतिरिक्त तैयारी का समय मिला है, जिसका पूरा उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने नाला सफाई कार्य शीघ्र पूरा करने, होल्डिंग पॉन्ड और फ्लड गेट सक्रिय रखने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा जाल लगाने तथा होर्डिंग्स का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री ने बीएमसी को एनडीआरएफ की तर्ज पर अपना आपदा प्रतिक्रिया दल विकसित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ, नौसेना, वायुसेना और सेना के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखकर आपदा के समय नागरिकों को तत्काल राहत पहुंचाई जाए।
बीएमसी द्वारा प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, मुंबई में 125 वर्षामापक यंत्र स्थापित है और जून से सितंबर के बीच साढ़े चार मीटर से अधिक ज्वार के 24 दिन संभावित हैं। जलभराव रोकने के लिए 934 स्थानों पर पंप लगाए गए है तथा 65 मिनी पंपिंग स्टेशन कार्यरत है। इस वर्ष पहली बार स्मार्ट पंप प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है, जिसकी निगरानी सीधे नियंत्रण कक्ष से की जाएगी।
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