मुंबई मॉनसून की तैयारी (सौ. एक्स ) 
मुंबई

मुंबई में मानसून 25 जून तक पहुंचने की संभावना, 1000 आपदा मित्र और NDRF टीमें तैनात

Mumbai Monsoon Preparedness 2026: मुंबई में मानसून की देरी के बीच प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ‘शून्य जनहानि’ का लक्ष्य तय कर दिए हैं।

अपूर्वा नायक

Mumbai Monsoon Preparedness News: मुंबई शहर में लोग भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं, आमतौर पर 10 जून तक आने वाला मानसून अब 22 से 25 जून तक दस्तक दे सकता है। शहर की झीलें भी अब सुख रही हैं। उनमें केवल 12 प्रतिशत से भी कम पानी बचा हुआ है।

इन सब के बीच सोमवार को राज्य के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बीएमसी अधिकारियों से विडियो कांफ्रेंस के जरिये संपर्क कर मानसून तैयारियों का जायजा लिया। बीएमसी आयुक्त ने शिंदे को बताया कि मानसून में अगर बाढ़ की स्थिति आई, तो निपटने के लिए शहर में 1000 'आपदा मित्र', एनडीआरएफ की 3 टीमें व नौसेना की नौ टीमें तैनात की गई हैं।

आपदा मित्र में एनजीओ के वालंटियर्स, व विशेषज्ञ शामिल रहते हैं जो विपरीत परिस्थिति में नागरिकों की मदद करते हैं। मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि न हो, इसे सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए शिंदे ने सभी प्रशासनिक एजेंसियों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई और महानगर क्षेत्र में 'शून्य जनहानि' का लक्ष्य लेकर आपदा प्रबंधन, जल निकासी और नागरिक सुविधाओं को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।

मुंबई महानगर क्षेत्र में 'शून्य जनहानि' का लक्ष्य

एकनाथ शिंदे ने कहा कि इस वर्ष मानसून में देरी होने से प्रशासन को अतिरिक्त तैयारी का समय मिला है, जिसका पूरा उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने नाला सफाई कार्य शीघ्र पूरा करने, होल्डिंग पॉन्ड और फ्लड गेट सक्रिय रखने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा जाल लगाने तथा होर्डिंग्स का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने के निर्देश दिए।

उपमुख्यमंत्री ने बीएमसी को एनडीआरएफ की तर्ज पर अपना आपदा प्रतिक्रिया दल विकसित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ, नौसेना, वायुसेना और सेना के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखकर आपदा के समय नागरिकों को तत्काल राहत पहुंचाई जाए।

आपदा प्रतिक्रिया दल विकसित करने का दिया सुझाव

बीएमसी द्वारा प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, मुंबई में 125 वर्षामापक यंत्र स्थापित है और जून से सितंबर के बीच साढ़े चार मीटर से अधिक ज्वार के 24 दिन संभावित हैं। जलभराव रोकने के लिए 934 स्थानों पर पंप लगाए गए है तथा 65 मिनी पंपिंग स्टेशन कार्यरत है। इस वर्ष पहली बार स्मार्ट पंप प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है, जिसकी निगरानी सीधे नियंत्रण कक्ष से की जाएगी।

जल निकासी पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता

  • शिंदे ने रेलवे को ट्रैक के नीचे स्थित नालों की सफाई सुनिश्चित करने, बेस्ट और एसटी को वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था तैयार रखने तथा झुग्गी बस्तियों में जल निकासी पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
  • उन्होंने अस्पतालों और 'हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे आपला दवाखाना' केंद्रों में दवाइ‌यों का पर्याप्त भंडार रखने पर भी जोर दिया।
  • बैठक में बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े सहित रेलवे, मौसम विभाग, मुंबई पुलिस, तटरक्षक बल, एमएमआरडीए, म्हाडा और बेस्ट के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
  • प्रशासन का दावा है कि समन्वित तैयारी से इस बार मुंबईकरों को मानसून में अधिक राहत मिलेगी।

दिल्ली की जहरीली हवा के बीच DMRC का बड़ा ऐलान, अब मेट्रो लगाएगी 20 अतिरिक्त फेरे; राजधानी में GRAP-2 लागू

दुनिया के किन 10 देशों में हिंदुओं की आबादी सबसे ज्यादा? भारत दूसरे नंबर पर

BSF जवान पर हमले के बाद पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन! अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी, जगह-जगह रो रही छापेमारी

त्रिपुरा के बोक्सानगर में तस्करों का BSF जवान पर बर्बर हमला, अशाबारी में तनाव का माहौल; हमले का VIDEO वायरल

दिल्ली में पुलिस बनाम पुलिस, सड़क पर उतरे 150 पुलिसकर्मी, जानिए क्या हैं पांच मांगें और क्यों भड़का विवाद