Virar Local Train Update: मुंबई और उसके आस-पास के उपनगरीय इलाकों में जारी मूसलाधार मानसूनी बारिश का सीधा असर अब पश्चिम रेलवे की जीवनरेखा मानी जाने वाली लोकल ट्रेनों पर पड़ने लगा है। नालासोपारा और पालघर क्षेत्रों में पटरियों पर हुए भारी जलभराव के कारण चर्चगेट से विरार और दहानू रोड के बीच लोकल ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 25 से 30 मिनट की देरी से संचालित हो रही हैं।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) विनीत अभिषेक ने बुधवार (8 जुलाई 2026) को स्थिति की गंभीरता और फंसे हुए यात्रियों के लिए किए गए विशेष इंतजामों की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे यात्रियों की सुरक्षा से समझौता किए बिना ट्रेनों का परिचालन जारी रखने की हर संभव कोशिश कर रही है।
सीपीआरओ विनीत अभिषेक ने बताया कि मौजूदा समय में चर्चगेट से वसई रोड, वसई रोड से विरार और विरार से दहानू रोड के पूरे नेटवर्क पर लोकल ट्रेनों का संचालन बंद नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें एहतियात के साथ चलाया जा रहा है। चर्चगेट से वसई रोड के बीच लोकल ट्रेनें पूरी तरह नियमित रूप से चल रही हैं। जबकि वसई रोड से विरार और विरार से दहानू रोड तक लोकल ट्रेनों को अनियमित अंतराल पर चलाया जा रहा है लेकिन सेवा पूरी तरह से बंद नहीं की गई है।
हालांकि, पिछले 3-4 दिनों में पालघर और नालासोपारा क्षेत्र में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश के कारण पटरियों पर पानी का स्तर काफी बढ़ गया है। इस वजह से वसई रोड, नालासोपारा और विरार के बीच ट्रेनों को कुछ-कुछ समय के अंतराल (गैप) के बाद और बेहद धीमी गति से निकाला जा रहा है, जिससे यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में थोड़ी परेशानी हो रही है।
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रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पटरियों पर पानी का स्तर एक निश्चित मानक से ऊपर जाने पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए 'सेफ्टी प्रोटोकॉल' लागू कर दिए जाते हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में ट्रेनों की गति को बेहद सीमित कर दिया गया है ताकि कोई तकनीकी खराबी या बड़ा हादसा न हो।
यात्रियों की सहूलियत के लिए पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और स्टेशन मास्टर लगातार ट्रेनों की आवाजाही की लाइव अनाउंसमेंट कर रहे हैं। इसके साथ ही, विरार और नालासोपारा जैसे स्टेशनों पर जलभराव के कारण फंसे हुए मुसाफिरों के लिए रेलवे प्रशासन की ओर से पीने का साफ पानी, चाय और रिफ्रेशमेंट (नाश्ता) मुफ्त पहुंचाने का विशेष मानवीय इंतजाम किया गया है।
मुंबई लोकल को शहर की धड़कन बताते हुए सीपीआरओ विनीत अभिषेक ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा के समय आम जनता को हो रही मानसिक और पेशेवर परेशानी से रेलवे भली-भांति वाकिफ है। उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस के माध्यम से जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक मौसम व रेलवे एडवाइजरी पर ही भरोसा करें।
उन्होंने साफ किया कि अगर पटरियों पर पानी का स्तर खतरे के निशान को पार करता है, तो यात्रियों की जान जोखिम में डालने के बजाय सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा। ऐसी आपातकालीन परिस्थितियों में रेलवे प्रशासन ने मुंबई वासियों से धैर्य बनाए रखने और सुरक्षात्मक कदमों में सहयोग करने का अनुरोध किया है।