पुलिस थाने में घुसा पानी, सड़क पर चल रही है रबर बोट, नालासोपारा-वसई में कमर तक पानी पार कर काम पर जा रहे लोग

Vasai Nalasopara Heavy Rain Waterlogging: पालघर के वसई और नालासोपारा में मूसलाधार बारिश से हाहाकार। तुलिंज पुलिस थाने में पानी घुसा, वसई की सड़कों पर चलीं रबर बोट।
Nallasopara Vasai Heavy Rain Update
नालासोपारा-वसई में कमर तक पानी में पार कर काम पर जा रहे लोग (डिजाइन तस्वीर, फोटो क्रेडिट-X)
Published on
Updated on

Vasai Nalasopara Heavy Rain: महाराष्ट्र के तटीय जिलों में मानसून की भारी बारिश आफत बनकर बरस रही है। मुंबई से सटे पालघर जिले के वसई और नालासोपारा इलाकों में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश की वजह से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि शहर की प्रमुख सड़कें और रिहायशी इलाके नदियों में तब्दील हो चुके हैं।

जलभराव का आलम यह है कि आम जनता को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने के लिए प्रशासन को सड़कों पर रबर बोट उतारनी पड़ी है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

सकवार हाईवे पर रबर बोट से रेस्क्यू

पालघर जिले के वसई स्थित सकवार हाईवे पर जलभराव के कारण सैकड़ों लोग और वाहन फंस गए हैं। स्थिति को भांपते हुए राहत और बचाव कर्मी रबर बोट के साथ मौके पर तैनात हैं और फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल रहे हैं। इसके साथ ही, मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी कई फीट तक पानी जमा हो गया है, जिससे भारी गाड़ियां और कारें पानी में आधी डूबी हुई नजर आ रही हैं। इस हाईवे पर यातायात रेंग-रेंग कर चल रहा है और कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है।

तुलिंज पुलिस स्टेशन में घुसा पानी, पुलिसकर्मी परेशान

भारी बारिश की मार से सरकारी दफ्तर और सुरक्षा व्यवस्था भी अछूती नहीं रही है। नालासोपारा के विभिन्न निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं, जिससे तुलिंज पुलिस स्टेशन के भीतर भी पानी घुस गया है। पुलिस स्टेशन के ग्राउंड फ्लोर और कमरों में पानी भर जाने के कारण फाइलों को बचाने और दैनिक कामकाज निपटाने में पुलिसकर्मियों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। पुलिस स्टेशन परिसर पूरी तरह जलमग्न दिखाई दे रहा है।

पेट के लिए जान जोखिम में

नालासोपारा के संतोष भुवन और उसके आसपास के श्रमिक बहुल इलाकों में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है। यहां रहने वाले मध्यमवर्गीय और दिहाड़ी मजदूर वर्ग के लोग कमर तक भरे गंदे पानी को पार करके अपने काम और दफ्तरों के लिए निकलने को मजबूर हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण हर साल मानसून में उनकी यही नियति बन जाती है। मौसम विभाग ने पालघर जिले के लिए पहले ही भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया हुआ है, जिससे आने वाले कुछ घंटों में मुश्किलें और बढ़ने की आशंका है।

Navbharat Live
navbharatlive.com