सुबह 9:30 बजे कांजुरमार्ग में खराबी आई।
अलग-अलग रेल लाइनों पर शाम 6:18 बजे तक बहाली हुई।
लोकल में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेल प्रशासन की आलोचना।
Local Train Signal Failure Bhandup Accident: मुंबईकरों की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनें सोमवार को मुसीबत का सबब बन गईं। मध्य रेलवे की सिग्नल व्यवस्था में खराबी के कारण लोकल सेवाएं घंटों तक प्रभावित रहीं। सुबह से लेकर शाम तक यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इस बीच भांडुप रेलवे स्टेशन पर लोकल ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मध्य रेलवे के अनुसार, 26 अक्टूबर को सुबह करीब 9:30 बजे कांजुरमार्ग स्टेशन पर सिग्नल में खराबी आई। इसके कारण कांजुरमार्ग स्टेशन तथा विक्रोली-भांडुप रेलखंड में ट्रेन परिचालन प्रभावित हुआ। सुरक्षित परिचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू की गईं और सिग्नल प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से बहाल किया गया।
डाउन फास्ट लाइन शाम 4:10 बजे, अप फास्ट लाइन 4:46 बजे, डाउन स्लो लाइन 5:30 बजे और अप स्लो लाइन पर शाम 6:18 बजे सेवा बहाल हुई। इस तरह अलग-अलग लाइनों पर सामान्य परिचालन बहाल होने में शाम तक का समय लगा। नतीजतन यात्रियों को देरी, भीड़ और अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ा।
उधर मुंबई में लड़खड़ाती लोकल सेवा पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। मुंबई में कांग्रेस के प्रवक्ता एवं मीडिया समन्वयक सुरेशचंद्र राजहंस ने घटना पर तीखा आक्रोश जताते हुए कहा कि मुंबई लोकल अब लाइफलाइन नहीं, बल्कि ‘डेथलाइन’ बनती जा रही है।
उन्होंने युवक की मौत के लिए जिम्मेदार रेल अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और मृतक के परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता देने की मांग की।
राजहंस ने कहा कि मुंबईकर रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हैं। लोकल सेवाओं की समस्याओं को लेकर कई बार पत्राचार किया गया, अधिकारियों के साथ बैठकें हुईं और संसद में भी सवाल उठाए गए, लेकिन हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
उन्होंने रेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उच्च न्यायालय की बार-बार की टिप्पणियों के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सोमवार की अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई हो।