मुंबई लोकल ट्रेन (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

Mumbai Local Train में 1512 हेल्पलाइन बनी सुरक्षा का भरोसा, शिकायतों में 65% की बढ़ोतरी

Mumbai Local Trains में यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे पुलिस की 1512 हेल्पलाइन प्रभावी साबित हो रही है। बढ़ते भरोसे के चलते शिकायतों की संख्या में 65% से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है।

अपूर्वा नायक

Mumbai Local Train Helpline Passenger: मुंबई की लाइफ लाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा और सहायता के लिए, रेलवे पुलिस की 1512 हेल्पलाइन 'रामबाण' सिद्ध हो रही है।

यात्रियों के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है कि पिछले कुछ वर्षों में शिकायतों की संख्या में 65% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। मिले आंकड़ों के अनुसार, जहां 2022 में प्रतिदिन औसतन 100 शिकायतें मिलती थीं, वहीं 2025 तक यह संख्या बढ़कर 1,700 से 1,800 प्रतिदिन पहुंच गई है।

इनमें से लगभग 25,000 शिकायतें यात्रा के दौरान बैग गुम होने या भूल जाने से संबंधित हैं। यह हेल्पलाइन न केवल समस्याओं का त्वरित समाधान कर रही है। बल्कि संकट के समय यात्रियों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभरी है।

मुंबई रेलवे पुलिस कमिश्नरेट के कंट्रोल रूम में 1512 हेल्पलाइन अक्टूबर 2017 से उपनगरीय लोकल और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के यात्रियों की मदद के लिए चालू है। इस हेल्पलाइन पर हर दिन औसतन 1700 से 1800 कॉल आते हैं। इनमें से ज्यादातर कॉल बैग या दूसरे सामान भूल जाने के बारे में होती हैं।

इसके अलावा, महिलाएं, सीनियर सिटीजन, दिव्यांग और बीमार यात्री भी मदद के लिए कॉल करते हैं। हर दिन आने वाली कुल कॉल में से 100 से 130 कॉल पर एक्शन लिया जा सकता है। 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2025 के बीच रेलवे पुलिस हेल्पलाइन पर कुल 36,166 कॉल आईं।

इनमें से फ़ोन से जुड़े सिर्फ 60 मामले ही रजिस्टर किए गए हैं। बाकी शिकायतों को सुनकर तुरंत सुलझाया गया है। हेल्पलाइन पर आने वाली 99 प्रतिशत कॉल शिकायतें होती हैं, लेकिन सिर्फ एक प्रतिशत से भी कम कॉल ही केस के तौर पर रजिस्टर हो पाती हैं।

गंभीर मामलों पर रजिस्टर किया जाता है केस

मोबाइल चोरी से लेकर बिना इजाजत ताश खेलने तक की शिकायतें हेल्पलाइन के जरिए पुलिस में दर्ज की जाती है। सभी शिकायते रिकॉर्ड की जाती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केस रजिस्टर किया जाता है।

हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों को पहले काउंसलिंग के जरिए और फिर जरूरत पड़ने पर पुलिस को मौके पर भेजकर सुलझाया जाता है। हेल्पलाइन पर सबसे ज्यादा शिकायतें गुमशुदा बैग, आम यात्रियों का दिव्यांग डिब्बे में घुसना, यात्रियों के बीच झगड़ा और रिजर्व डिब्बे में यात्रा है।

हेल्पलाइन पर दर्ज की जाती हैं 32 तरह की शिकायतें

गुमशुदा बैग, मिला बैग, यात्रियों के बीच झगड़ा, नशे में धुत होना, पेट्रोलिंग करने वाले सिक्योरिटी गार्ड का न होना, नशे में यात्रा करना, दिव्यांग डिब्बे में घुसना, फेरीवाले, भिखारी, चोट लगना, रेलवे पुलिस/सरकारी कर्मचारियों का गलत व्यवहार, गुमशुदा व्यक्ति, मिला हुआ व्यक्ति, महिला से छेड़छाड़, बीमार पड़ना, स्टंट करना, पत्थर फेंकना, चोरी, तीसरे लोगों का परेशान करने वाला व्यवहार, रिजर्व डिब्बे में यात्रा, संदिग्ध व्यक्ति का व्यवहार, पर्स चोरी, ताश खेलना, भजन गाना, सोने की चेन खींचना, मोबाइल चोरी, बम की धमकी, जानकारी न मिलना, लूटपाट और अन्य शिकायतें, हेल्पलाइन पर कुल 32 तरह की शिकायतें दर्ज की जाती हैं।

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