Mumbai FYJC Admission Portal Crash News: मुंबई में एफवायजेसी प्रवेश प्रक्रिया इस बार छात्रों और अभिभावकों के लिए किसी बड़े एडमिशन ड्रामे से कम नहीं रही। लगातार दूसरे दिन भी तकनीकी खामियों से जूझते पोर्टल ने हजारों विद्यार्थियों को परेशान किया।
कई छात्रों की शिकायत रही कि पूरे दिन वेबसाइट खुली ही नहीं, जिससे वे फॉर्म भरने और दस्तावेज लॉक करने को प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। पोर्टल फेल होने पर अभिभावकों का गुस्सा भी खुलकर सामने आया और उन्होंने शिक्षा विभाग की तैयारियों पर सवाल उठाए।
बढ़ते दबाव और अव्यवस्था के बीच छात्रों को राहत देने के लिए आखिरकार आवेदन की डेडलाइन फिर बढ़ानी पड़ी। प्रथम वर्ष जूनियर कॉलेज केंद्रीकृत प्रवेश प्रक्रिया इस वर्ष तकनीकी अव्यवस्था के कारण छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है।
एडमिशन पोर्टल में गंभीर तकनीकी खामियां सामने आईं, जिसके चलते शुक्रवार को हजारों विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। हालात को देखते हुए राज्य शिक्षा विभाग को नियमित राउंड-1 के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म के भाग-1 और भाग-2 भरने तथा लॉक करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब सोमवार शाम 6 बजे तक करनी पड़ी है।
गुरुवार को भी पोर्टल में तकनीकी समस्याएं आने के बाद विभाग ने आवेदन की अंतिम तिथि शनिवार तक बढ़ाई थी। हालांकि, शुक्रवार को भी स्थिति में कोई बड़ा सुधार नहीं दिखा। दिनभर सर्वर पर अत्यधिक दबाव बना रहा और वेबसाइट बार-बार बंद होती रही। कई विद्यार्थियों और अभिभावकों को लॉग-इन तक नहीं हो पा रहा था, जबकि कुछ छात्र फॉर्म भरने के बाद दस्तावेज लॉक नहीं कर सके। वहीं, शहर के कई साइबर कैफे और कॉलेज परिसरों में छात्र घंटों तक कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठे नजर आए। अभिभावकों में भी भारी नाराजगी देखी गई। कई लोगों ने सवाल उठाया कि लाखों छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया के लिए बनाई गई वेबसाइट इतनी जल्दी कैसे ठप हो सकती है।
माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा निदेशक महेश पालकर ने पोर्टल क्रैश होने के पीछे तकनीकी कारण बताते हुए कहा कि वेबसाइट के होमपेज पर मौजूद दो लिंक उपयोगकर्ताओं को अलग-अलग कॉलेजों के कई पन्नों पर भेज रहे थे।
इससे छात्र अपेक्षा से अधिक समय तक पोर्टल पर सक्रिय रहे और एक साथ भारी संख्या में उपयोगकर्ताओं के लॉग-इन होने से सिस्टम पर दबाव बढ़ गया, परिणामस्वरूप सर्वर बार-बार कैश होने लगा।
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पालकर ने बताया कि समस्या को दूर करने के लिए विभाग ने सिस्टम में तत्काल बदलाव किए हैं। अब छात्रों को कॉलेजों की जानकारी सीधे स्कैन की गई पीडीएफ के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वेबसाइट पर अतिरिक्त ट्रैफिक का दबाव कम हो सके। उन्होंने दावा किया कि पोर्टल की तकनीकी क्षमता भी बढ़ाई गई है और अब यह अधिक संख्या में उपयोगकर्ताओं को संभाल सकेगा।