मुंबई चिड़ियाघर में जानवरों को गर्मी से राहत के लिए खास इंतजाम।
पशुओं के लिए अलग पॉन्ड, पक्षियों के लिए भरपूर पानी।
जरूरत पड़ने पर आइस केक और फलों वाली आइस पॉड दी जाएगी।
Byculla Zoo Veermata Jijabai Bhosale Udyan: अक्टूबर में बढ़ती गर्मी का असर इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों पर भी पड़ रहा है। भायखला स्थित वीर माता जिजाबाई भोसले उद्यान यानी मुंबई चिड़ियाघर में जानवरों को गर्मी से राहत देने के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। पशुओं के लिए पानी के पॉन्ड बनाए गए हैं, जबकि पक्षियों के पिंजरों में पर्याप्त पानी रखा जाता है। उद्यान में मौजूद छायादार पेड़ और घास के मैदानों में नियमित पानी का छिड़काव भी तापमान नियंत्रित रखने में मदद करता है।
मुंबई शहर चिड़ियाघर में अलग-अलग प्रजातियों के जानवरों के लिए अलग पॉन्ड बनाए गए हैं, ताकि वे पानी में नहाकर और शरीर को ठंडा रखकर गर्मी से राहत पा सकें। उद्यान प्रशासन के अनुसार, सभी पशु-पक्षियों की जरूरतों का ध्यान रखा जा रहा है। परिसर में अंग्रेजों के जमाने के कुएं भी मौजूद हैं, जिनसे नियमित इस्तेमाल के लिए पानी मिलता है।
गर्मी अधिक बढ़ने पर जानवरों को ठंडक देने के लिए विशेष खाद्य पदार्थ भी दिए जाते हैं। प्रशासन के अनुसार, बाघ और तेंदुए जैसे मांसाहारी जानवरों को मांस से बने आइस केक दिए जाते हैं। मांसाहारी पक्षियों के लिए मछली वाली आइस पॉड और शाकाहारी जानवरों के लिए फलों से बनी आइस पॉड की व्यवस्था की जाती है।
हालांकि, प्रशासन ने बताया कि अक्टूबर में फिलहाल इन विशेष आइस ट्रीट की व्यवस्था शुरू नहीं की गई है। जरूरत पड़ने पर तापमान और जानवरों की स्थिति के अनुसार इसे शुरू किया जाएगा।
भायखला चिड़ियाघर में दरियाई घोड़ा, लकड़बग्घा, भेड़िया, तेंदुआ, बाघ, भालू, बंदर, कछुए, सांप, मगरमच्छ और पेंगुइन सहित विभिन्न प्रजातियों के पशु-पक्षी मौजूद हैं। यहां अलग-अलग प्रकार की चिड़ियां और बाज भी रखे गए हैं। प्रशासन के अनुसार, फिलहाल उद्यान में शेर और हाथी नहीं हैं।
मुंबई चिड़ियाघर में गर्मी से बचाव के लिए पानी, छायादार स्थान और नियमित छिड़काव जैसी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। तापमान बढ़ने पर अतिरिक्त उपाय भी अपनाए जा सकते हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य पशु-पक्षियों को आरामदायक वातावरण देना और बदलते मौसम के दौरान उनकी देखभाल सुनिश्चित करना है।