मुंबई के निर्माण स्थलों पर AQI सेंसर की जांच करेगी बीएमसी।
रीडिंग में छेड़छाड़ मिलने पर बिल्डरों पर सख्त कार्रवाई होगी।
अक्टूबर में 14 दिन AQI 100 से ऊपर रहा, सोमवार को 104 दर्ज हुआ।
BMC Air Pollution Monitoring: मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण और निर्माण स्थलों पर लगाए गए एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) सेंसर की रीडिंग में गड़बड़ी की शिकायतों को बीएमसी प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।
अब महानगरपालिका की टीमें शहर के निर्माण स्थलों पर लगे सेंसर की जांच करेंगी। इस दौरान यह पता लगाया जाएगा कि सेंसर वास्तविक प्रदूषण के आंकड़े दर्ज कर रहे हैं या उनमें तकनीकी खराबी अथवा जानबूझकर छेड़छाड़ की गई है।
बीएमसी की जांच टीमों का मुख्य उद्देश्य निर्माण स्थलों पर वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाले सेंसर की कार्यप्रणाली और उनकी रीडिंग की विश्वसनीयता की जांच करना है। यदि किसी सेंसर में तकनीकी खराबी पाई जाती है, तो उसकी वजह का पता लगाया जाएगा। वहीं, जांच में जानबूझकर रीडिंग बदलने की बात सामने आने पर संबंधित बिल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
निर्माण कार्यों के दौरान धूल और अन्य कणों के कारण वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में सेंसर के जरिए प्रदूषण की निगरानी करना महत्वपूर्ण है। हालांकि, निगरानी व्यवस्था तभी प्रभावी हो सकती है, जब उपकरण सही तरीके से काम करें और उनके आंकड़े वास्तविक स्थिति को दर्शाएं।
मुंबई शहर में अक्टूबर महीने के दौरान वायु गुणवत्ता चिंता का विषय बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 26 अक्टूबर तक के 26 दिनों में से 14 दिन AQI 100 से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि 12 दिनों में यह 100 के भीतर रहा।
सोमवार को शहर के विभिन्न इलाकों में AQI 104 दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई। यह स्तर सामान्य वायु गुणवत्ता से खराब स्थिति की ओर संकेत करता है। हालांकि, पूरे शहर की वायु गुणवत्ता का आकलन करने के लिए अलग-अलग निगरानी केंद्रों के आंकड़ों और उनके समय का भी ध्यान रखना जरूरी है।
मुंबई बीएमसी की इस पहल से निर्माण स्थलों पर प्रदूषण की निगरानी व्यवस्था की जांच होगी। सेंसर की रीडिंग और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर मिलने पर उसके कारणों का पता लगाना आवश्यक होगा। इससे तकनीकी खामियों और संभावित अनियमितताओं के बीच अंतर स्पष्ट किया जा सकेगा।
मुंबई शहर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के उपायों और नियमों का पालन भी महत्वपूर्ण है। अब बीएमसी की जांच के निष्कर्षों पर नजर रहेगी। यदि किसी स्थल पर जानबूझकर सेंसर की रीडिंग में बदलाव करने की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।