Mumbai BMC Green Dashboard Tree Census: अल-नीनो के प्रभाव और बढ़ती गर्मी से जूझ रही मुंबई को जलवायु परिवर्तन के प्रति अधिक सक्षम बनाने के लिए बीएमसी ने एक महत्वाकांक्षी शहरी वानिकी परियोजना शुरू की है।
इस परियोजना के तहत शहर के प्रत्येक पेड़ का वैज्ञानिक और डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा तथा एक ऑनलाइन "ग्रीन डैशबोर्ड" विकसित किया जाएगा, जहां नागरिक भी पेड़ों से जुड़ी जानकारी देख सकेंगे।
इस योजना की शुरुआत वृक्ष गणना (ट्री सेंसस) से हुई है, जो इसी महीने शुरू की गई है। बीएमसी के अनुसार यह केवल पेड़ों की संख्या गिनने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि प्रत्येक पेड़ से संबंधित 29 से 32 वैज्ञानिक मानकों का विस्तृत डेटा एकत्र किया जाएगा।
इसमें प्रजाति, ऊंचाई, तने की परिधि, छत्र का फैलाव, फूल आने का मौसम, स्वास्थ्य स्थिति, अनुमानित आयु, कार्बन अवशोषण क्षमता, सटीक भौगोलिक स्थान और जियो-टैग्ड तस्वीरें शामिल होंगी। गौरतलब है कि मुंबई में पिछली वृक्ष गणना वर्ष 2011 में हुई थी।
नियमों के अनुसार यह प्रक्रिया हर पांच वर्ष में होनी चाहिए थी, लेकिन 2016 में प्रस्तावित अगली गणना विभिन्न कारणों से टल गई। अब लगभग 15 वर्ष बाद यह कार्य फिर से शुरू हुआ है। 2011 की गणना के अनुसार मुंबई में लगभग 29.75 लाख पेड़ थे।
हालांकि तेजी से हो रहे विकास कार्यों के कारण शहर में हरित आवरण को बड़ा नुकसान हुआ है। बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार 2017 से 2023 के बीच मुंबई मेट्रो, बुलेट ट्रेन, कोस्टल रोड, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड और अन्य सड़क एवं पुल परियोजनाओं के लिए 21,098 पेड़ काटे गए।