Mumbai BEST Bus Revival Plan BMC: मुंबईकरों की दूसरी लाइफ लाइन कही जाने वाली बेस्ट (बीईएसटी) उपक्रम को अब वास्तव में 'बेस्ट' बनाने के लिए बीएमसी ने ठोस पहल शुरू कर दी है।
वित्तीय संकट, स्वामित्व वाली बसों की संख्या में भारी गिरावट और कर्मचारियों की लंबित देनदारियों के बीच बेस्ट के पुनरुद्धार को लेकर महापौर रितु तावड़े ने प्रशासन और कर्मचारी संघों के साथ शुक्रवार को अहम बैठक करके सकारात्मक संकेत दिए हैं।
बेस्ट को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के साथ साथ यहां के कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के कानूनी हितों की रक्षा भी प्राथमिकता से की जाएगी। बेस्ट उपक्रम की मौजूदा स्थिति चिंताजनक है। 15-20 साल पहले जहां 4800 बसों का बेड़ा था, वहीं आज यह संख्या घटकर मात्र 2650 रह गई है।
इनमें से बेस्ट के पास स्वयं को केवल 249 बसें ही शेष बची हैं, जबकि 85 प्रतिशत से अधिक बसें वेट लीज (पट्टे) पर निजी ठेकेदारों के माध्यम से चलाई जा रही हैं। यह स्थिति 2019 में कर्मचारी संघों के साथ हुए समझौते के बिल्कुल विपरीत है, जिसमें 3.337 बसें स्वामित्व में रखने की बात कही गई थी।
बेस्ट पर कुल देनदारियां 10,000 करोड़ रुपए के आसपास पहुंच चुकी है, जबकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और अन्य देय राशियां लगभग 1,000 करोड़ रुपए बकाया है। इसी पृष्ठभूमि में महापौर तावडे ने स्पष्ट किया कि बेस्ट को आर्थिक रूप से सक्षम और स्वावलंबी बनाने के लिए प्रभावी उपाय आवश्यक है। बेस्ट बस के पास स्वयं के स्वामित्व वाली बसों का बेड़ा बढ़ाना समय की मांग है और इस दिशा में प्राथमिकता से कार्य किया जाएगा, बेस्ट प्रशासन को आर्थिक अनुशासन, आय वृद्धि और कार्यक्षमता पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश भी दिए गए।
वर्तमान में निजी ठेकेदारों (वेट लीज) पर बढ़ती निर्भरता को कम करने के लिए महापौर ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत दिशा-निर्देश दिया, उन्होंने कहा कि 'बेस्ट' के पास स्वयं की स्वामित्व वाली बसों का पर्याप्त बेडा होना जरूरी है। वर्ष 2019 के समझौते के अनुसार, पुरानी पड़ चुकी बसों की जगह नई बसें खरीदने के लिए महानगरपालिका आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बेस्ट प्रशासन को अपनी कार्यक्षमता और आय बढ़ाने के लिए प्रभावी उपाययोजनाएं लागू करनी होंगी, ताकि यह उपक्रम भविष्य में स्वावलंबी बन सके। बैठक में उप महापौर संजय घाडी, सभागृह नेता गणेश खणकर, स्थायी समिति अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे, बेस्ट समिति अध्यक्षा तृष्णा विश्वासराव, अतिरिक्त महापालिका आयुक्त अश्विनी जोशी सहित वरिष्ठ अधिकारी और बेस्ट वर्कर्स युनियन व संघर्ष कामगार कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी उपस्थित थे।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए जितेंद्र मल्लाह की रिपोर्ट