'मैं घाटकोपर के घर में ही रह रही हूं', BMC मेयर रितु तावड़े ने आधिकारिक बंगले की मरम्मत विवाद पर तोड़ी चुप्पी

Mumbai Mayor Residence Dispute: मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने भायखला स्थित महापौर निवास की मरम्मत को लेकर चल रही खबरों को खारिज किया है। उन्होंने साफ कहा कि वे अभी अपने निजी आवास में ही रहेंगी।
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मेयर रितु तावड़े (सोर्स: सोशल मीडिया )
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Ritu Tawde On Mayor Residence Renovation: आर्थिक राजधानी मुंबई की नवनियुक्त महापौर रितु तावड़े पिछले कुछ दिनों से मीडिया की सुर्खियों में हैं। हालांकि, इस बार चर्चा उनके किसी प्रशासनिक निर्णय की नहीं, बल्कि उनके आधिकारिक निवास को लेकर हो रही है। अब इस पूरे विवाद और चर्चाओं पर विराम लगाते हुए महापौर ने अपना आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है।

क्या बोलीं रितु तावड़े?

महापौर रितु तावड़े ने कड़े शब्दों में कहा कि उन्होंने भायखला स्थित महापौर निवास के संबंध में बीएमसी प्रशासन से किसी भी प्रकार की विशेष मांग या मरम्मत का अनुरोध नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महापौर निवास बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की एक सार्वजनिक संपत्ति है। इसकी देखरेख, रखरखाव और समय-समय पर होने वाली मरम्मत पूरी तरह से एक प्रशासनिक प्रक्रिया है। महापौर ने कहा कि मरम्मत से जुड़े सभी निर्णय संबंधित विभागों द्वारा लिए जाते हैं। इस प्रक्रिया से मेरा कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं है। यह कहना गलत है कि मेरी ओर से कोई मांग की गई है।

घाटकोपर स्थित निजी घर में ही रहने का फैसला

आधिकारिक बंगले को लेकर चल रही अटकलों के बीच रितु तावड़े ने यह भी साफ कर दिया कि वह वर्तमान में घाटकोपर स्थित अपने निजी निवास पर ही रह रही हैं। उन्होंने फिलहाल सरकारी बंगले में शिफ्ट होने या वहां किसी बदलाव की कोई इच्छा जाहिर नहीं की है। मीडिया में आई खबरों को भ्रामक बताते हुए उन्होंने अपील की कि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश न किया जाए।

क्या था विवाद?

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में यह दावा किया जा रहा था कि भायखला स्थित महापौर बंगले के नवीनीकरण (Renovation) के लिए भारी-भरकम बजट और विशेष बदलावों की मांग की गई है। इसके बाद से ही विपक्षी दलों और आम जनता के बीच चर्चाएं शुरू हो गई थीं। महापौर के इस ताजा बयान ने अब इन सभी कयासों पर पानी फेर दिया है।

नगर निगम के सूत्रों के अनुसार, पुराने हेरिटेज बंगलों या आधिकारिक निवासों की मरम्मत एक नियमित प्रक्रिया है जो सुरक्षा और संरक्षण के दृष्टिकोण से की जाती है। रितु तावड़े ने इसी तकनीकी पहलू पर जोर देते हुए खुद को इस विवाद से पूरी तरह अलग कर लिया है। उन्होंने मीडिया से जिम्मेदार पत्रकारिता की अपेक्षा करते हुए कहा कि जनता के बीच गलत संदेश नहीं जाना चाहिए।

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