BDD Chawl Redevelopment: म्हाडा के मुंबई मंडल के माध्यम से वरली, नायगांव और एनएम जोशी मार्ग स्थित बीडीडी चाल का पुनर्विकास तेजी से जारी है। अब तक 2,700 से अधिक घरों का काम पूरा कर निवासियों को सौंपा जा चुका है, जबकि 7 हजार घरों का निर्माण जारी है। शेष 5 हजार घरों के निर्माण का काम जून 2027 में शुरू होगा और सभी 15 हजार 593 घरों का पुनर्वास 2030 तक पूरा करने की योजना है।
राज्य सरकार ने मुंबई की जर्जर बीडीडी चालों के पुनर्विकास की जिम्मेदारी म्हाडा के मुंबई मंडल को सौंपी है। शिवड़ी को छोड़कर वरली, नायगांव और एनएम जोशी मार्ग स्थित बीडीडी चालों में रहने वाले कुल 15,593 निवासियों के पुनर्वास की योजना बनाई गई है। परियोजना के तहत पुराने और जर्जर आवासों की जगह आधुनिक इमारतों का निर्माण किया जा रहा है।
पहले चरण में करीब 3 हजार घरों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इनमें से 2,784 नवनिर्मित घरों का कब्जा संबंधित निवासियों को सौंप दिया गया है। इससे लंबे समय से जर्जर चालों में रह रहे परिवारों को राहत मिली है।
शेष घरों का निर्माण भी चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी है। वरली में अगस्त 2025 में 556 और मई 2026 में 827 घरों का कब्जा दिया गया। नायगांव में मार्च 2026 में 864 और जून 2026 में 537 घर सौंपे गए। एनएम जोशी मार्ग की चाल के पहले चरण के करीब 550 घर दिवाली तक सौंपने की योजना है।
म्हाडा उपाध्यक्ष संजीव जायसवाल के अनुसार बीडीडी चाल पुनर्विकास परियोजना के तहत 7 हजार घरों का निर्माण तेजी से जारी है। शेष 5 हजार घरों के निर्माण का काम जून 2027 में शुरू किया जाएगा।
परियोजना के बिक्री घटक के तहत करीब 14 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र उपलब्ध होगा, जहां आवासीय के साथ कुछ व्यावसायिक इमारतें भी बनाई जाएंगी। अतिरिक्त घरों की बिक्री लॉटरी के माध्यम से की जाएगी।
म्हाडा के मुताबिक पहले पुनर्वास इमारतों का निर्माण पूरा किया जाएगा। इसके बाद बिक्री घटक के तहत बनने वाले घरों का निर्माण शुरू होगा। इस पूरी योजना का उद्देश्य बीडीडी चाल के निवासियों को आधुनिक और बेहतर आवास उपलब्ध कराना है।