

Mumbai Urban Redevelopment: सोमवार को नायगांव स्थित बीडीडी चॉल में रहने वाले सैकड़ों परिवारों का युग पुराना सपना उस समय पूरा हो गया, जब मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के हाथों उन्हें नए फ्लैट की चाबियां सौंप दी गईं।
नायगांव बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना के तहत डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर कॉम्प्लेक्स में बने 864 फ्लैटों का वितरण किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की मौजूदगी में लाभार्थियों को फ्लैट की चाबियां सौंप दी गईं।
कार्यक्रम को निर्देशित करते हुए उपमुख्यमंत्री और गृहनिर्माण मंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि बीडीडी चॉल में रहने वाले सभी परिवार अब आधुनिक टावर में रहेंगे। चाबियां मिलने के समय लोगों के ठिकानों पर खुशी साफ दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट उस समय शुरू हुआ था जब देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री थे। बाद में सरकार बदलने के कारण कुछ समय तक परियोजना की गति धीमी पड़ गई, लेकिन 2022 में सरकार बनने के बाद इस परियोजना को फिर से तेजी से मिली। शिंदे ने कहा कि दोबारा सरकार बनने के बाद कुछ ही महीनों में इस परियोजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनमें पुलिसकर्मियों को रियायती शर्तों पर घर उपलब्ध कराना भी शामिल है।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि दिवंगत बाल ठाकरे का सपना था कि मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लाखों लोगों को पक्के घर मिलें। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े पैमाने पर निवेश के माध्यम से लाखों घर बनाकर इस सपने को साकार करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बीडीडी चाल के खरीदारों का सपना भी अब पूरा हो रहा है और वे चाल से निकलकर आधुनिक 2 बीएचके फ्लैट में रहने जा रहे हैं।
शिंदे ने कहा कि 150 से 160 वर्गफुट की चाल में रहना बेहद कठिन होता है, इसलिए सरकार का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर और लंबवत आवास उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी को आगामी गुड़ी पड़वा की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस साल कई परिवार अपने नए घर में गुड़ी स्थापित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) पर लोगों का भरोसा बढ़ा है और इस तरह की परियोजनाओं से संस्था की सकारात्मक छवि बनी है।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य जीडीपी, एफडीआई और आधारभूत ढांचे के विकास के मामले में देश में अग्रणी बन रहा है। उन्होंने बताया कि म्हाडा के अलावा स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (एसआरए) के माध्यम से भी कई बड़े आवासीय प्रोजेक्ट चल रहे हैं। मुंबई के रमाबाई अंबेडकर नगर और कामराज नगर में लगभग 17 हजार घरों के निर्माण का काम जारी है। इस अवसर पर कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।