मुलुंद गार्डन (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

मुलुंड बना ‘उद्यानों का शहर’, 59 पार्क दे रहे गर्मी में राहत, कंक्रीट के बीच हरियाली का सुकून

Green Spaces Health Benefits Mumbai: मुंबई के मुलुंड इलाके में 59 उद्यान और मैदान लोगों को गर्मी से राहत दे रहे हैं। हरियाली और सुविधाओं से भरपूर ये पार्क स्वास्थ्य और सुकून का अहम केंद्र बन गए हैं।

अपूर्वा नायक

Mulund Public Garden Facilities News: मुलुंड को उद्यानों का शहर कहा जाए तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी। यहां कुल 59 उद्यान व खेल के मैदान हैं। ये उद्यान चिलचिलाती धूप से बचने के लिए लोगों को छांव दे रहे हैं और यहां की सुंदरता में चार चांद लगा रहे हैं।

ये उद्यान कंक्रीट के जंगलों से लोगों को राहत प्रदान कर रहे हैं। मुलुंड परिसर में मनपा के कई सार्वजनिक उद्यान हैं, लेकिन इनमें से मुलुंड पूर्व का डॉ चिंतामणि देशमुख, एपीजी अब्दुल कलाम उद्यान और संभाजी मैदान काफी लोकप्रिय है।

ऐसे ही मुलुंड पश्चिम में सरदार प्रताप सिंह उद्यान, कालिदास गार्डन, लाला तुलसी उद्यान, बसंत गार्डन, ताराबाई मोडक उद्यान, विजय गार्डन, बारकु पाटिल मैदान भी मशहूर हैं। यहां सुबह और शाम टहलने, खेलने और व्यायाम के लिए काफी लोग आते हैं। इन उद्यानों में हर सुविधा उपलब्ध है, यहां लाइब्रेरी भी है।

एलबीएस रोड स्थित जॉनसन एंड जॉनसन गार्डन की चर्चा करें तो यह एक शांत और सुखद जगह है, जो प्रकृति प्रेमियों और परिवारों को सकून देता है। यहां लोग ताजी हवा की तलाश में आते हैं और देर शाम तक बैठे दिखते हैं। मुलुंड पूर्व स्थित देशमुख उद्यान भी कम मनमोहक नहीं है। यहां पेड़ों की टहनियों पर बैठे पक्षियों की चहचहाहट भी सुनाई देती है।

शहर से दूर शोरगुल से दूर सुकून पाने के लिए लोग यहां आते हैं। सरदार प्रताप सिंह उद्यान में लोग परिवार के साथ आते हैं और ताजी हवा का लुत्फ उठाते हैं। इन उद्यानों की देखभाल का जिम्मा टी वार्ड उद्यान विभाग के सहायक अधीक्षक पर है। उद्यान विभाग के 5 अधिकारी और करीब सौ कर्मचारी कार्यरत हैं। हालांकि इनमें से ज्यादा ठेके पर हैं।

स्लम वासियों के लिए वरदान

ये उद्यान गर्मी के दिनों में स्लम वासियों के लिए वरदान हैं।, क्योंकि वे छोटे से पतरे के तंग घरों में सपरिवार रहते हैं। दोपहर होते ही वे गर्मी से परेशान हो जाते हैं। यहां आकर उन्हें राहत मिलती है। - राजेंद्र सिंह, पर्यावरण प्रेमी

सेहत के लिए जरूरी

मुंबई जैसे भीडभाड़ वाले महानगर में खुली जगह का अभाव है, लेकिन मुलुंड के हरे भरे उद्यानों में शांत वातावरण के साथ ताजी हवा मिलती है, जो अच्छे सेहत के लिए जरूरी है। - डॉ संदीप सिंह, मुलुंड

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