MPSC Exam Reforms Annual Calendar V Radha Committee: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) और राज्य की विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति ने परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार का संकेत दिया है।
समिति की अध्यक्ष और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वी. राधा ने कहा कि यूपीएससी की तर्ज पर एमपीएससी परीक्षाओं के लिए परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति की तारीखें पहले से तय करने की व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
समिति विद्यार्थियों से मिले सुझावों और अन्य राज्यों की परीक्षा प्रणालियों का अध्ययन कर अगले तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। पत्रकार परिषद में वी. राधा ने कहा कि यूपीएससी की तरह एमपीएससी का भी निश्चित वार्षिक परीक्षा कैलेंडर होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि परीक्षा की तारीख के साथ परिणाम और नियुक्ति की संभावित तारीख भी पहले से तय होनी चाहिए। चयन के बाद एमपीएससी अभ्यर्थियों को नियुक्ति के लिए वर्षों तक इंतजार नहीं करना चाहिए। दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीन से चार महीने में नियुक्ति पत्र देने की समयसीमा तय करने का सुझाव दिया गया है।
समिति ने अभ्यर्थियों के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) की व्यवस्था पर भी विचार शुरू किया है। इसके तहत उम्मीदवार को व्यक्तिगत जानकारी और दस्तावेज बार-बार जमा करने की जरूरत नहीं होगी।
जाति, शैक्षणिक और अन्य प्रमाणपत्रों के सत्यापन को आसान बनाने के लिए ओटीआर को डिजीलॉकर से जोड़ने का विकल्प भी देखा जा रहा है। इससे फर्जी प्रमाणपत्र और उम्र में हेरफेर जैसी गड़बड़ियों पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
समिति ने मुख्य परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की गुणवत्ता सुधारने पर भी जोर दिया है। वी. राधा ने कहा कि एक अंक से उम्मीदवार का भविष्य प्रभावित हो सकता है, इसलिए प्रश्नपत्र और उत्तरों के मूल्यांकन के लिए उच्च मानक जरूरी हैं।
एमपीएससी के अलावा नगर परिषद, जिला परिषद और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) जैसी भर्ती परीक्षाओं के लिए भी एक समान परीक्षा व्यवस्था और आदर्श परीक्षा केंद्रों की कार्यप्रणाली विकसित करने पर अध्ययन किया जा रहा है।