Motilal Nagar Redevelopment Project: गोरेगांव (पश्चिम) स्थित मोतीलाल नगर का पुनर्विकास प्रोजेक्ट देश के सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में शामिल हो गया है। महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) द्वारा संचालित इस परियोजना का विकास अदाणी ग्रुप करेगा।
म्हाडा के उपाध्यक्ष व सीईओ संजीव जायसवाल ने बताया कि यह विशाल परियोजना लगभग 143 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है। पहले इसकी लागत करीब 36,000 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन अब इसमें कुल निवेश 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
इस कारण इसे देश के सबसे बड़े शहरी पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है. इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसके तहत करीब 35,000 परिवारों को नए घर उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें पुराने निवासी, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग और व्यावसायिक इकाइयां शामिल होंगी।
म्हाडा के सीईओ संजीव जायसवाल ने बताया कि मोतीलाल नगर देश का सबसे बड़ा क्लस्टर प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें पहली बार पात्र निवासियों को 1600 वर्गफीट के बड़े और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित फ्लैट दिए जाएंगे। यानी पुनर्विकास में अदाणी समूह और म्हाडा 3702 पात्र रहिवासियों को बड़ा फायदा प्रदान करेंगे। इससे पहले मुंबई में किसी भी पुनर्विकास प्रकल्प में इतना बड़ा क्षेत्रफल पहले नहीं दिया गया है।
अदाणी समूह पिछले वर्ष इस परियोजना के लिए सफल बोलीदाता बनकर उभरा था। यह परियोजना मुआवजा एवं विकास समझौता (सीएंडडीए) मॉडल के तहत लागू की जा रही है। म्हाडा के सीईओ संजीव जयसवाल ने बताया कि मोतीलाल नगर नंबर 1,2 और 3 नीदरलैंड और यूरोप से प्लान किया गया है।
1960 में मोतीलाल नगर बना था। Motilal Nagar Redevelopment Project के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने इसे विशेष परियोजना प्राधिकरण का दर्जा दिया है तथा परियोजना की निर्माण एवं विकास संस्था (सी एंड डीए) के रूप में कड़ी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से अदाणी समूह का चयन किया गया है।
संबंधित दस्तावेज पूरा होने के बाद सात वर्षों के भीतर इस परियोजना को पूर्ण करने का लक्ष्य म्हाडा ने निर्धारित किया है।इस परियोजना के अंतर्गत 3702 पात्र निवासियों को प्रत्येक को लगभग 1600 वर्ग फुट का घर निःशुल्क मिलेगा। इसके अलावा, 328 पात्र व्यावसायिकों को 987 वर्ग फुट क्षेत्रफल के व्यावसायिक गाले (दुकानें) दिए जाएंगे।
साथ ही, लगभग 1600 झोपड़पट्टी धारकों को एसआरए अधिनियम के अंतर्गत 300 वर्ग फुट क्षेत्रफल के घर उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसके अतिरिक्त, इस पुनर्विकास के तहत म्हाडा को भी बड़े पैमाने पर आवासीय भंडार प्राप्त होगा। इस परियोजना से म्हाडा को 23,000 वर्ग मीटर भूमि प्राप्त होने वाली है.
म्हाडा के उपाध्यक्ष व सीईओ संजीव जायसवाल ने कहा कि Motilal Nagar Redevelopment Project म्हाडा के अब तक के कार्यकाल का अत्यंत महत्त्वपूर्ण और ऐतिहासिक प्रकल्प है। राज्य के सभी नागरिकों को सुयोग्य और सुनियोजित आवास उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा उपमुख्यमंत्री एवं गृहनिर्माण मंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व और दूरदृष्टि से इस प्रकल्प को गति और दिशा मिली है। इस प्रकल्प के लाभार्थियों को प्रशस्त और सुसज्ज घर तथा आधुनिक सभी सुविधाओं से युक्त आदर्श वसाहत प्रदान करने की योजना बनाई गई है, जिससे रहिवासियों को सुरक्षित और आधुनिक जीवनशैली मिलेगी।
मास्टर प्लान में चौड़ी आंतरिक सड़कों और 27 मीटर की इमारतों के बीच दूरी, समर्पित व्यावसायिक क्षेत्र और व्यवस्थित बाजार, अस्पताल, स्कूल, खुले स्थान और सामुदायिक क्षेत्रों जैसी सार्वजनिक सुविधाएं शामिल हैं। लगभग 11.5 एकड़ खुले और मनोरंजन के लिए स्थान, स्काईवॉक जैसी आंतरिक कनेक्टिविटी, तथा जलभराव प्रबंधन, सीवेज प्रणाली और बाढ़ नियंत्रण उपायों जैसी जलवायु-उत्तरदायी विशेषताएं भी शामिल हैं।
जायसवाल ने बताया कि मोतीलाल नगर को एक आधुनिक “15 मिनट सिटी” मॉडल के आधार पर विकसित किया जाएगा। इसका मतलब है कि लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों जैसे स्कूल, अस्पताल, बाजार और दफ्तर 15 मिनट की दूरी पर ही उपलब्ध होंगे। इससे लोगों का समय बचेगा और जीवन अधिक सुविधाजनक बनेगा।
परियोजना के तहत अत्याधुनिक इमारतों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें बेहतर बुनियादी सुविधाएं होंगी। हरित क्षेत्र, चौड़ी सड़कें, पार्किंग व्यवस्था और सामाजिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे पूरे इलाके का स्वरूप बदल जाएगा और यह एक आधुनिक टाउनशिप के रूप में विकसित होगा।
यह परियोजना न केवल आवास समस्या को हल करने में मदद करेगी, बल्कि मुंबई के इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर को भी बड़ा बढ़ावा देगी। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। यह प्रोजेक्ट हजारों परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने के साथ-साथ शहर को एक आधुनिक और व्यवस्थित स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुंबई में इस तरह की 11 अन्य पुनर्विकास परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जो 923 एकड़ क्षेत्र में फैली हैं। इनके लागू होने से पूरे शहर का स्वरूप बदल सकता है।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट