रितु तावड़े, अमित साटम और किरीट सोमैया (सोर्स: @ThakareShalini) 
मुंबई

'इन तीनों ने मुंबई को डुबाया...' मनसे नेता का जोरदार प्रहार; मेयर, विधायक और भाजपा नेता को ठहराया दोषी!

MNS Targets BJP Mumbai: मुंबई में भारी बारिश और जलभराव को लेकर मनसे नेता शालिनी ठाकरे ने सत्ता पक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मेयर रितु तावड़े, अमित साटम और किरीट सोमैया को दोषी ठहराया है।

गोरक्ष पोफली

MNS Leader Shalini Thackeray Blames Mayor Ritu Tawde: मुंबई में मानसून की पहली भारी बारिश ने एक बार फिर महानगर के ड्रेनेज सिस्टम और प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। इस बीच, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की नेता शालिनी ठाकरे ने सोशल मीडिया पर एक विस्फोटक पोस्ट साझा करते हुए सत्ता पक्ष के तीन बड़े चेहरों पर सीधा हमला बोला है। उनके निशाने पर मुंबई की मेयर रितु तावड़े, विधायक अमित साटम और भाजपा नेता किरीट सोमैया हैं, जिन्हें उन्होंने मुंबई की मौजूदा दुर्दशा के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

शालिनी ठाकरे ने बेहद कड़े शब्दों में प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई से मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। चेंबूर में स्कूल बस पर पेड़ गिरने से एक मासूम बच्चे की जान चली गई, वहीं एक अन्य व्यक्ति की खुले मैनहोल में गिरने से मौत हो गई। ठाकरे का आरोप है कि ये मौतें प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता सबूत हैं।

110% नालों की सफाई का दावा कहा गया?

उन्होंने सवाल उठाया कि नगर प्रशासन हर साल 110% नालों की सफाई का दावा करके श्रेय लेने की होड़ में रहता है, लेकिन जब मासूमों की जान जाती है, तो यही अधिकारी और नेता खामोश क्यों हो जाते हैं?। उनके अनुसार, यदि शहर की तैयारी का श्रेय लिया जाता है, तो इन रोकी जा सकने वाली त्रासदियों की जिम्मेदारी भी उन्हीं नेताओं को लेनी चाहिए।

कैमरे के सामने सक्रिय, जमीन पर गायब?

मनसे नेता ने विशेष रूप से उन नेताओं को आड़े हाथों लिया जो केवल फोटो खिंचवाने और मीडिया में बने रहने के शौकीन हैं। उन्होंने कहा कि जो नेता अक्सर कैमरे के सामने दिखाई देते हैं, क्या वे इस संकट की घड़ी में वास्तव में मुंबईकरों के साथ खड़े हैं? उन्होंने जोर देकर कहा कि नागरिकों और मनसे के पार्षदों ने बार-बार नागरिक बुनियादी ढांचे और मानसून की तैयारियों को लेकर प्रशासन को आगाह किया था। यदि उन चेतावनियों को अनसुना कर दिया गया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आज मुंबई की इस स्थिति के लिए प्रशासन और उसके सर्वेसर्वा जवाबदेह हैं।

भ्रष्टाचार और परसेंटेज का खेल

यह गुस्सा केवल बारिश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस भ्रष्टाचार के खिलाफ भी है जो व्यवस्था की जड़ों में फैल चुका है। हाल ही में कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने अंबरनाथ के डिप्टी मेयर सदाशिव पाटिल के एक बयान पर कटाक्ष करते हुए सत्ताधारी दल की कार्यप्रणाली को उजागर किया था। पाटिल ने कथित तौर पर कहा था कि भ्रष्टाचार और चोरी होनी चाहिए, बस उसका परसेंटेज कम रहे। शालिनी ठाकरे का आरोप इसी मानसिकता की ओर इशारा करता है कि जब तक नेताओं का ध्यान केवल कमीशन और क्रेडिट पर रहेगा, तब तक मुंबई की सड़कें तालाब बनती रहेंगी और आम आदमी अपनी जान गंवाता रहेगा।

जनता को चाहिए जवाबदेही, बहाने नहीं

शालिनी ठाकरे का यह कड़ा रुख स्पष्ट करता है कि मुंबई की जनता अब बहाने सुनने के मूड में नहीं है। उन्होंने मांग की है कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के तहत उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसी प्रशासनिक विफलताएं फिर कभी न दोहराई जाएं, ताकि मुंबई के किसी और परिवार को अपना सदस्य न खोना पड़े।

फिलहाल, सोशल मीडिया पर साझा की गई इन नेताओं की तस्वीरों और शालिनी ठाकरे के बयानों ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है, और जनता अब मेयर और अन्य जिम्मेदार नेताओं से जवाब मांग रही है।

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