Affordable Housing Development MHADA Bandra: म्हाडा केवल मकान बनाने वाली संस्था नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों के सपनों को साकार करने और महाराष्ट्र के भविष्य की नींव मजबूत करने वाली प्रमुख आवास संस्था है।
बदलते समय के साथ तकनीक को अपनाते हुए मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता और गुणवत्ता को बनाए रखना ही म्हाडा की पहचान होनी चाहिए। यह बात म्हाडा के उपाध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल ने कही।
बांद्रा स्थित म्हाडा के सभागार में भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या की जयंती के अवसर पर अभियंता दिवस-2026 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जायसवाल ने म्हाडा की भूमिका और इंजीनियरों की जिम्मेदारियों पर अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा कि म्हाडा देश के आवास निर्माण क्षेत्र की अग्रणी संस्थाओं में शामिल है और इसका सीधा संबंध आम लोगों से है। ऐसे में आधुनिक तकनीक के दौर में म्हाडा के इंजीनियरों की नागरिकों के प्रति जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
जायसवाल ने कहा कि भविष्य का इंजीनियर केवल अत्याधुनिक तकनीक की जानकारी रखने वाला व्यक्ति नहीं होना चाहिए। तकनीक का इस्तेमाल मानव जीवन को बेहतर बनाने के लिए कैसे किया जाए, इसकी समझ और संवेदनशीलता भी जरूरी है।
उन्होंने इंजीनियरों से निर्माण कार्यों में तकनीकी दक्षता के साथ गुणवत्ता और नागरिकों की जरूरतों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
संजीव जायसवाल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के बढ़ते इस्तेमाल का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक लगातार विकसित हो रही है, लेकिन मानवीय सोच, भावनाओं और संवेदनशीलता का स्थान नहीं ले सकती।
उन्होंने कहा कि मनुष्य केवल सोचता ही नहीं, बल्कि अपने अनुभवों और भावनाओं को भी महसूस करता है। इसलिए भविष्य की तकनीकी प्रगति के साथ मानवीय मूल्यों को बनाए रखना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान मुंबई म्हाडा की आवास निर्माण से जुड़ी जिम्मेदारियों और इंजीनियरों की भूमिका को रेखांकित किया गया। जायसवाल ने तकनीकी बदलावों को अपनाते हुए नागरिकों की अपेक्षाओं, संवेदनशीलता और निर्माण की गुणवत्ता के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।