Melghat Solar Micro Grid Project: कुपोषण की समस्या के कारण चर्चा में रहने वाले मेलघाट के दूर-दराज के गांवों में बिजली आपूर्ति के लिए सरकार ने अब सोलर माइक्रो ग्रिड का विकल्प अपनाने का निर्णय लिया है। इससे हर घर को अलग-अलग सोलर सिस्टम देने के बजाय गांव में ही बड़ी क्षमता का सोलर प्रोजेक्ट स्थापित कर माइक्रो ग्रिड तैयार किया जाएगा। बैटरी स्टोरेज की मदद से उत्पन्न बिजली गांव के प्रत्येक घर तक पहुंचाई जाएगी। यह जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को विधानसभा में दी।
विधानसभा में सदस्या सुलभा खोडके ने अमरावती जिले के धरणी और चिखलदरा तालुका के मेलघाट क्षेत्र के गांवों में बिजली आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा प्रश्न उठाया। इस चर्चा में सदस्य जयंत पाटिल और दिलीप वलसे-पाटिल ने भी भाग लिया।
इस प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मेलघाट के कई गांव घने वन क्षेत्र और अभयारण्य इलाके में स्थित हैं, जिसके कारण पारंपरिक बिजली ग्रिड से वहां बिजली पहुंचाना संभव नहीं हो पाया है। वन विभाग से अनुमति लेने के कई प्रयासों के बावजूद अब तक इन क्षेत्रों में नियमित बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में इस समस्या के समाधान के लिए प्रत्येक घर को अलग सोलर पावर सिस्टम देने का निर्णय लिया गया था। इसके तहत वर्ष 2018 में ‘सौभाग्य योजना’ के अंतर्गत कई गांवों में ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम स्थापित कर बिजली पहुंचाई गई थी। हालांकि, दूरस्थ क्षेत्रों में होने के कारण वार्षिक रखरखाव (Annual Maintenance Contract) को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया जा सका। इसके परिणामस्वरूप कई सोलर सिस्टम बंद हो गए और गांवों में फिर से अंधेरा छा गया।
इन परिस्थितियों को देखते हुए अब सोलर माइक्रो ग्रिड के माध्यम से बिजली आपूर्ति की नई व्यवस्था लागू की जा रही है।मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत दो गांवों में सोलर माइक्रो ग्रिड का कार्य पूरा हो चुका है। पांच गांवों में गैर-सरकारी संस्थाओं (NGO) की पहल से काम जारी है, जबकि चार गांवों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शेष गांवों के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये का फंड भी मंजूर किया गया है।
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उन्होंने यह भी बताया कि मेलघाट क्षेत्र में सड़क सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी काम शुरू किया गया है। छह गांवों में सड़कें मौजूद हैं, जबकि चार गांवों में सड़कों को पक्का करने और मरम्मत की आवश्यकता है। यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।