Nagpur Civic News: राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही महापौर पद के चुनाव को लेकर सस्पेंस बना हुआ था, लेकिन सोमवार को महापौर पद की आरक्षण लॉटरी को लेकर जारी पत्र के बाद यह सस्पेंस खत्म हो गया। अब गुरुवार को महापौर आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। शुरुआत में यह अनुमान लगाया जा रहा था कि जब तक मुख्यमंत्री दावोस दौरे से वापस नहीं लौटते, तब तक आरक्षण की स्थिति स्पष्ट नहीं होगी।
यहां तक कि मुख्यमंत्री की वापसी तक महानगरपालिकाओं में सत्ता स्थापना की प्रक्रिया केवल कागजों तक सीमित रहने की संभावनाएं भी जताई जा रही थीं। कुछ राजनीतिक जानकारों का मानना था कि मुंबई महानगरपालिका का मामला सुलझने के बाद ही आरक्षण को लेकर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि अब मुंबई महानगरपालिका में सत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद महापौर आरक्षण लॉटरी से जुड़ी तमाम अटकलों पर विराम लग गया है।
राज्य की महानगरपालिकाओं के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद महापौर, उपमहापौर और स्थायी समिति के पदों को लेकर सभी की निगाहें टिकी हुई थीं। नवनिर्वाचित पार्षदों को सत्ता संभालने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा था। महापौर चयन प्रक्रिया में उम्मीद से अधिक देरी होने के कारण अफवाहों का बाजार भी गर्म रहा, जिससे इच्छुक उम्मीदवारों की बेचैनी बढ़ गई थी। अब लॉटरी की घोषणा के साथ न केवल अफवाहों पर विराम लग गया है, बल्कि नवनिर्वाचित सदस्यों का इंतजार भी समाप्त हो गया है।
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प्रशासनिक विशेषज्ञों के अनुसार, आरक्षण की घोषणा के बाद भी वास्तविक चयन प्रक्रिया में समय लगेगा। लॉटरी के बाद आम सभा बुलाना, चुनाव निर्णय अधिकारी की नियुक्ति और चुनाव कार्यक्रम लागू करने में कम से कम 15 दिन का समय लग सकता है। ऐसे में नवनिर्वाचित पार्षदों को आधिकारिक रूप से पदभार संभालने के लिए अभी 20 से 22 दिन और प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।