Sunetra Pawar Pregnancy Leave (फोटो क्रेडिट-X) 
मुंबई

सुनेत्रा पवार की बड़ी घोषणा: 180 दिनों की मैटरनिटी लीव मंजूर, 'शक्ति कानून' पर भी आया बड़ा अपडेट

Sunetra Pawar Pregnancy Leave: महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए 180 दिनों की प्रसूति छुट्टी मंजूर की है। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने विधानसभा में इसकी घोषणा की।

अनिल सिंह

Maharashtra Maternity Leave Update: महाराष्ट्र सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सरकारी महिला कर्मचारियों के लिए प्रसूति अवकाश (Maternity Leave) की अवधि बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब राज्य की महिला कर्मचारियों को केंद्र सरकार की तर्ज पर 180 दिनों यानी पूरे 6 महीने का सवैतनिक प्रसूति अवकाश मिलेगा। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने विधानसभा में इस निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि इस कदम से कामकाजी महिलाओं को मातृत्व के दौरान अपने परिवार और करियर के बीच संतुलन बनाने में बड़ी राहत मिलेगी।

सुनेत्रा पवार ने स्पष्ट किया कि प्रसूति अवकाश के अलावा, महिलाओं की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए नियमों में और भी ढील दी गई है। अब 180 दिनों की छुट्टी के बाद भी, यदि आवश्यक हो, तो महिला कर्मचारी बिना किसी मेडिकल सर्टिफिकेट के एक वर्ष तक का अतिरिक्त अर्ध-वेतन अवकाश (Half-pay leave) ले सकेंगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी महिला अपने मातृत्व के दायित्वों के कारण करियर में पीछे न छूटे और उसे एक सुरक्षित व सम्मानजनक कार्य वातावरण मिले।

चौथी महिला नीति और आदिशक्ती अभियान

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने जानकारी दी कि महाराष्ट्र की 'चौथी महिला नीति' को प्रभावी ढंग से लागू कर दिया गया है। यह नीति लचीली है और समय के अनुसार इसमें सुधार करने का प्रावधान रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के जीवन को सुगम बनाने के लिए राज्य में पहली बार 'आदिशक्ती अभियान' चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य प्रत्येक गांव को बाल विवाह मुक्त और अत्याचार मुक्त बनाना है। साथ ही, लड़कियों के स्कूल छोड़ने (ड्रॉप-आउट) की दर को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण भारत की बेटियां शिक्षित और आत्मनिर्भर बन सकें।

'शक्ति कानून' और नई विधिक प्रक्रिया

महिला सुरक्षा को लेकर बहुप्रतीक्षित 'शक्ति कानून' की स्थिति पर भी सुनेत्रा पवार ने सदन में स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने बताया कि शक्ति फौजदारी (संशोधन) विधेयक 2020 पहले केंद्र को भेजा गया था, लेकिन 1 जुलाई 2024 से देशभर में 'भारतीय न्याय संहिता' लागू होने के कारण पुराने विधेयक को वापस ले लिया गया है। अब पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों के आधार पर नए विधेयक का प्रस्ताव विधि एवं न्याय विभाग को भेजा गया है। सरकार इस नए संशोधित शक्ति कानून को जल्द से जल्द पारित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

महिलाओं के लिए बेहतर कार्य संस्कृति का निर्माण

सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ उन हजारों महिला कर्मचारियों को होगा जो प्रसूति के बाद कार्यालयीन कामकाज और शिशु की देखभाल के बीच संघर्ष करती हैं। 180 दिनों की अनिवार्य छुट्टी और एक वर्ष तक की अतिरिक्त छुट्टी की सुविधा से मातृ स्वास्थ्य और शिशु देखभाल दोनों में सुधार होगा। सुनेत्रा पवार ने जोर देकर कहा कि मातृत्वा का सम्मान करना राज्य की जिम्मेदारी है। इन नीतिगत बदलावों से महाराष्ट्र न केवल प्रशासनिक स्तर पर बल्कि सामाजिक स्तर पर भी महिलाओं के लिए एक अधिक समावेशी और सहायक माहौल तैयार करने वाला अग्रणी राज्य बन गया है।

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