Marathi Language Promotion Plan Devendra Fadnavis: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठी भाषा, साहित्य और विभिन्न बोलियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर उसे लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य मराठी विकास संस्थान के कामकाज में निरंतरता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता लाने के लिए वर्षभर होने वाली सभी वैधानिक बैठकों का कार्यक्रम पहले से तय किया जाए।
सह्याद्री अतिथि गृह में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य मराठी विकास संस्थान के नियामक मंडल की बैठक हुई। बैठक में मराठी भाषा मंत्री उदय सामंत भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से लंबित प्रशासनिक और वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी होने से संस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत हुई है। अब मराठी भाषा के प्रचार-प्रसार, अनुसंधान और संरक्षण के लिए ठोस नीतियों के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
बैठक में मराठी भाषा और उसकी बोलियों के संरक्षण के लिए कई सुझाव रखे गए। झाड़ीबोली तथा पूर्व विदर्भ की नाट्य परंपरा के संरक्षण के लिए गडचिरोली-वडसा क्षेत्र में नाट्य संकुल स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा पुस्तकों का गांव' और 'पेटी पुस्तकालय' जैसी योजनाओं के माध्यम से आदिवासी और सीमावर्ती क्षेत्रों के विद्यालयों तक गुणवत्तापूर्ण साहित्य पहुंचाने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में भारुड, गोंधल और पोवाड़ा जैसी पारंपरिक लोककलाओं के माध्यम से मराठी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने पर जोर दिया गया।
साथ ही बाल साहित्य, बाल पुस्तकालयों और बाल नाट्य आंदोलन को प्रोत्साहन देने के सुझाव भी सामने आए। मुख्यमंत्री ने इन सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करने का भरोसा दिया।
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तंजावुर में उपलब्ध मोडी लिपि के लगभग 15 लाख ऐतिहासिक दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की। इसके अलावा ब्रिटेन के लंदन में छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर प्रस्तावित विश्व मराठी केंद्र की स्थापना के कार्य में तेजी लाने पर भी चर्चा हुई।
मराठी भाषा के वैश्विक प्रचार-प्रसार के लिए 75 अंतरराष्ट्रीय बृहन्महाराष्ट्र मंच स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। मराठी भाषा मंत्री उदय सामंत ने बताया कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में कवि कुसुमाग्रज के नाम पर अध्यासन स्थापित किया गया है तथा छत्रपति शिवाजी महाराज की गनिमी कावा युद्धनीति पर स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। अन्य भाषाओं के श्रेष्ठ साहित्य का मराठी में अनुवाद कराने के लिए यशवंतराव चव्हाण के नाम पर एक अनुवाद समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है।