महाराष्ट्र में बच्चों की TB स्क्रीनिंग (सोर्स: AI)
मुंबई

कुपोषित बच्चों को TB से बचाने पर फोकस, महाराष्ट्र में 2026 तक 94% स्क्रीनिंग, NRC में जांच होगी और मजबूत

Children TB Screening In Maharashtra: कुपोषित बच्चों में टीबी की जल्द पहचान के लिए महाराष्ट्र के पोषण पुनर्वास केंद्रों में जांच मजबूत की गई है। जुलाई 2026 तक 2,835 बच्चों की जांच हुई।

आलोक उमाकृष्ण

Malnourished Children TB Screening: राज्य में कुपोषित बच्चों में टीबी का समय पर पता लगाने और उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने पोषण पुनर्वास केंद्रों में टीबी जांच की व्यवस्था को और मजबूत किया है।

कुपोषण के प्रमुख कारणों में शामिल बाल टीबी की पहचान, उपचार और रोकथाम के लिए राज्य में विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय के 2 नवंबर 2015 के निर्देशों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग महिला और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों पर काम कर रहा है।

पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती बच्चों की टीबी जांच, निदान और उपचार के लिए मानक कार्यपद्धति, प्रशिक्षण, जांच सुविधाएं व दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

जुलाई 2026 तक 2,835 बच्चों की जांच

बच्चों के लक्षणों और टीबी मरीज के संपर्क में आने का हिस्ट्री देखा जाता है। जरूरत के अनुसार नमूना संग्रह, सीबी-नैट, ट्रूनेट जांच और छाती के एक्स-रे जैसी सुविधाओं से बच्चों को जोड़ा जाता है।

2021 से जुलाई 2026 तक पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती 29,875 बच्चों में से 26,857 की टीबी जांच की गई, जो 89.9 प्रतिशत है। वहीं 2026 में जुलाई तक भर्ती 3,017 बच्चों में से 94 प्रतिशत यानी 2,835 की जांच हुई। 2022 में 23 बच्चों का इलाज शुरू हुआ था, जो 2025 में घटकर 7 और जुलाई 2026 तक 3 रह गया।

बाल टीबी रोकथाम पर जोर

टीबी मरीजों के संपर्क में आए, लेकिन लक्षण रहित बच्चों को टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट देने के लिए घर और एनआरसी स्तर पर संपर्क जांच मजबूत की जा रही है। जटिल और दवा-प्रतिरोधी मामलों के लिए बाल टीबी उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू है।

जांच संबंधी जानकारी निक्षय पोर्टल से जोड़ने का काम भी जारी है। टीबी पीड़ित बच्चों को निक्षय पोषण योजना और निक्षय मित्र के जरिए पोषण सहायता से जोड़ा जा रहा है।

NRC के पास ट्रूनेट मशीनें

अधिक मरीज वाले पोषण पुनर्वास केंद्रों के पास ट्रूनेट और सीबी-नैट मशीनों का विस्तार किया जाएगा। इससे जांच का समय घटेगा और उपचार में होने वाली देरी कम होगी।

सभी NRC में TB जांच का स्तर 90 प्रतिशत से अधिक बनाए रखने, शेष बच्चों की जांच पूरी करने, पात्र बच्चों को बचाव इलाज देने और स्वास्थ्य विभाग, महिला व बाल विकास विभाग और राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के बीच समन्वय मजबूत करने पर जोर रहेगा।

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