Swachh Survekshan 2024-25 : स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों में आयोजित 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में महाराष्ट्र ने एक बार फिर देश में अपनी श्रेष्ठता को सिद्ध किया है। महाराष्ट्र राज्य ने स्वच्छ सर्वेक्षण में कुल 10 राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किए हैं। इस सर्वेक्षण में मीरा भाईंदर महानगरपालिका ने देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य का मान बढ़ाया है।
दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों ये पुरस्कार वितरित किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, राज्य मंत्री तोखन साहू, महाराष्ट्र की नगरविकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने भाषण में कहा कि "स्वच्छता केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक प्रगति की भी आधारशिला है।" उन्होंने महिलाओं को भागीदारी और सफाईमित्रों के योगदान की सराहना करते हुए मशीन होल की जरूरत पर भी जोर दिया। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में देशभर के 4,500 से अधिक शहरों का 10 प्रमुख मापदंडों पर मूल्यांकन किया गया। 45 दिनों तक चले इस अभियान में 11 लाख से ज्यादा घरों और परिसरों का सर्वेक्षण हुआ और 14 करोड़ नागरिकों ने भागीदारी की। नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने कहा कि, "महाराष्ट्र की यह उपलब्धि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है और स्वच्छता की दिशा में हमारी यह यात्रा भविष्य में और तेजी से आगे बढ़ेगी।
पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका ने स्वच्छता के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में देश में सातवां और महाराष्ट्र राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। पिछले वर्ष शहर का देश में 13वां और राज्य में तीसरा स्थान था। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा आयोजित इस सर्वेक्षण में पांच हजार से अधिक शहरों ने भाग लिया था।
शहर में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग संग्रहित किया जाता है और कंपोस्टिंग, रीसायक्लिंग प्लांट, बायोगैस जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है। इस कारण शहर को ‘सात स्टार गार्बेज फ्री सिटी’ का सम्मान भी मिला है। मल निस्तारण, सीवेज ट्रीटमेंट और जल संरक्षण में भी पिंपरी-चिंचवड़ ने उत्कृष्ट काम किया है, जिसके लिए उसे ‘वॉटर प्लस’ प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ।
महानगरपालिका आयुक्त शेखर सिंह ने कहा कि यह सफलता नागरिकों, सफाई कर्मचारियों, अधिकारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने भविष्य में स्वच्छता को और बेहतर बनाने, ठोस कचरा शून्य नीति अपनाने और जल पुनः उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने का संकल्प लिया। स्वास्थ्य विभाग के उपायुक्त सचिन पवार ने भी इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि पिंपरी-चिंचवड़ शहर को अगले सर्वेक्षण में देश में प्रथम स्थान लाने के लिए पूरी मेहनत जारी रहेगी।