महाराष्ट्र में मौसम का डबल अटैक (प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स-AI) 
मुंबई

महाराष्ट्र में मौसम का डबल अटैक; ब्रह्मपुरी में पारा 47.1°C पार, लू से मौतें, कोंकण-पुणे में बारिश से तबाही

Maharashtra Weather Update: महाराष्ट्र में मौसम का डबल अटैक। ब्रह्मपुरी में पारा 47.1 डिग्री पार, विदर्भ में रेड अलर्ट; कोंकण और पुणे में प्री-मानसून बारिश। आम जन जीवन अस्त-व्यस्त।

अनिल सिंह

Maharashtra Weather Update Heatwave Pre Monsoon Rain: महाराष्ट्र में जलती हुई गर्मी और गरजते बादलों के बीच चल रही रस्साकशी ने मौसम विभाग (IMD) को भी चिंता में डाल दिया है। एक ओर विदर्भ के जिलों, अमरावती, अकोला, यवतमाल और वर्धा में प्रचंड लू के कारण 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है, जहां भंडारा सहित अधिकांश इलाकों में लोग लगातार चौथे दिन भी दोपहर के समय घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। दूसरी ओर, कोंकण और पश्चिमी महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में आसमान में काले बादलों का डेरा है और तेज हवाओं के साथ बारिश की बौछारें पड़ रही हैं।

जलवायु परिवर्तन के इस अजीब व्यवहार का सबसे दर्दनाक असर विदर्भ के यवतमाल में देखने को मिला, जहां दिग्रस इलाके में भीषण धूप की चपेट में आने से तीन राहगीरों ने दम तोड़ दिया। इनमें से एक मृतक की पहचान आनंद राजू वाडवे के रूप में हुई है, जबकि अन्य दो की शिनाख्त की कोशिशें जारी हैं। विदर्भ के चंद्रपुर (46.2°C) और अमरावती (45.4°C) में भी हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं, जिसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने हीट-स्ट्रोक वार्डों को पूरी तरह अलर्ट पर रख दिया है।विदर्भ का ब्रह्मपुरी शहर शनिवार को 47.1°C के साथ देश का सबसे गर्म स्थान रिकॉर्ड किया गया।

कोंकण और पुणे के घाट क्षेत्रों में 'येलो अलर्ट' जारी

चिलचिलाती गर्मी के उलट रत्नागिरी, राजापुर, लांजा और संगमेश्वर जैसे तटीय इलाकों में मानसून पूर्व (Pre-Monsoon) बारिश की जोरदार एंट्री हुई है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक कोंकण के रायगढ़, सिंधुदुर्ग और सिंधुदुर्ग के साथ-साथ पुणे, सतारा और कोल्हापुर के पहाड़ी घाट क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने और तेज आंधी के साथ भारी बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इन इलाकों में तापमान में अचानक गिरावट तो आई है, लेकिन उमस ने लोगों को परेशान कर रखा है।

जालना में प्रकृति का कहर, यशोदा अब्दल का डेढ़ एकड़ का बाग उजड़ा

इस बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान ने मराठवाड़ा के जालना जिले में किसानों की कमर तोड़ दी है। परतूर तालुका के फुलवाड़ी शिवर इलाके से आई एक बेहद दुखद खबर के मुताबिक, महिला किसान यशोदा अब्दल का डेढ़ एकड़ में फैला लहलहाता केले का बाग पूरी तरह तबाह हो गया है। तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ गए, छतों पर लगे सौर पैनल (Solar Panels) टूट गए और कई जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने से बेजुबान पशुधन की भी मौत हो गई।

मौसम विशेषज्ञों की सलाह: बुवाई की जल्दबाजी न करें किसान

वसंतराव नाईक मराठवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. कैलाश डाखोरे ने बताया कि इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून की गति काफी अच्छी है और यह महाराष्ट्र में सामान्य से कुछ दिन पहले दस्तक दे सकता है। उन्होंने बताया कि 29 मई से प्री-मानसून बारिश की गतिविधियां पूरे राज्य में और तेज होंगी। हालांकि, उन्होंने किसानों को एक महत्वपूर्ण तकनीकी सलाह देते हुए कहा है कि वे केवल पहली या दूसरी बारिश को देखकर जल्दबाजी में खरीफ फसलों की बुवाई न करें; जब तक जमीन में कम से कम 75 से 100 मिमी तक नमी न हो जाए, तब तक इंतजार करें।

जिस सस्ते रॉकेट लॉन्च पर भारत को था गर्व, नई स्टडी ने खोल दी पोल? जानिए क्या है पूरा मामला

कंगना के बयान से भड़के रामदेव! बोले- ओछे लोगों पर टिप्पणी नहीं करना चाहता, रामदेव का योगदान देश जानता है

मौत के बाद भी नहीं मिल सका परिवार! पिता का गांव तो मां-बेटे का शहर में अंतिम संस्कार, क्या थी सुसाइड की वजह?

आरक्षण कोई खैरात नहीं...जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच बरसे चिराग पासवान और मायावती, बताया संवैधानिक अधिकार

बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 23 IAS अफसरों के तबादले; DDC-SDO समेत बदले कई पद, देखें पूरी लिस्ट