Maharashtra Water Crisis Dams Storage: महाराष्ट्र में महा जल संकट का खतरा बढ़ता जा रहा है। राज्य के बांधों में सिर्फ 38 फीसदी पानी शेष रह गया है। यदि औसत से कम बारिश होती है, तो गर्मी के आखिर तक पानी की कमी की स्थिति और चिंताजनक होने की संभावना है।
मौसम विभाग के कम बारिश के संकेतों के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संबंधित विभागों को अलर्ट किया है और पीने के पानी को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में जलाशयों में बचे पानी के भंडारण को लेकर मंथन किया गया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पानी की उपलब्धता और मांग का प्रबंधन करने की कारगर योजना बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग ने अल-नीनो के प्रभाव के कारण इस साल औसतन कम बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। इसलिए पेयजल को प्राथमिकता दी जानी है।
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राज्य में लघु, मध्यम और बड़े लगभग 2997 जलाशय हैं। गर्मी के दिनों में तापमान बढ़ने से बांधों में वाष्पीकरण के कारण तेजी से पानी भंडारण कम हो रहा है। मध्यम व छोटे बांधों की हालत अधिक खराब होती जा रही है।
पानी सप्लाई और उसका प्रबंधन प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है। राज्य के कई हिस्सों में वाटर टैंकर से पानी सप्लाई की जा रही है। राज्य के सभी बांधों में कुल पानी का स्टोरेज 38 प्रतिशत से नीचे आ गया है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 7 प्रतिशत कम है। पुणे और रायगढ़ जिले के छोटे बांधों में पानी के भंडारण की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।